Covid-19: कोविड संक्रमण का ज्यादा खतरा किसे? इन तीन ब्लड ग्रुप के लोग हो जाएं सतर्क
शोध में पाया गया कि बी ब्लड ग्रुप वाले पुरुषों में महिलाओं की तुलना में कोविड 19 का खतरा ज्यादा होता है। वहीं एबी ब्लड ग्रुप वाले 60 वर्ष की आयु के लोगों में भी संक्रमण का जोखिम अधिक होता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Coronavirus Precautions Tips : कोरोना संक्रमण के नए वेरिएंट का जोखिम फिर बढ़ने लगा है। चीन से निकले BF.7 वेरिएंट के मामले सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है। हालांकि अध्ययनों में पाया गया है कि BF.7 वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में गंभीर रोग के मामले कम देखे जा रहे हैं, लेकिन जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, या फिर जो कोमोरबिडिटी के शिकार हैं, यह वैरिएंट उनके लिए समस्या का कारण भी हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को लगातार कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करते रहने की सलाह दी है। इसी बीच एक अध्ययन रिपोर्ट से पता चला है कि कुछ खास ब्लड ग्रुप वाले लोगों में कोरोना का खतरा ज्यादा हो सकता है। दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने एक स्टडी रिपोर्ट जारी करते हुए खुलासा किया कि ऐसे तीन ब्लड ग्रुप वाले लोग हैं, जिन्हें कोरोना का खतरा सबसे अधिक है। वहीं कुछ ऐसे ब्लड ग्रुप के लोग भी हैं, जिनमें कोरोना होने का खतरा कम है। अगली स्लाइड्स में जानिए सर गंगा राम अस्पताल की कोरोना के जोखिम पर जारी स्टडी रिपोर्ट के बारे में और किन ब्लड ग्रुप वाले लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
सर गंगा राम अस्पताल के अध्ययन में कोविड पॉजिटिव मरीजों को शामिल किया गया। इन मरीजों में वह लोग शामिल थे, जो अप्रैल 2020 से अक्टूबर 2020 तक अस्पताल में भर्ती हुए थे। 6 महीने की अवधि पर आधारित इस स्टडी से ज्ञात हुआ कि ए ब्लड ग्रुप, बी ब्लड ग्रुप और आरएच पॉजिटिव (RH+) लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा है। कौन से ब्लड ग्रुप पर कोरोना का खतरा ज्यादा
दरअसल, एबीओ और आरएच ब्लड ग्रुप को साथ जोड़ा गया। स्टडी में पाया गया कि अलग-अलग ब्लड ग्रुप में कोरोना होने की फ्रीक्वेंसी है। इसमें ए ब्लड ग्रुप की फ्रीक्वेंसी 29.93 फीसदी है। बी ब्लड ग्रुप की फ्रीक्वेंसी 41.8 फीसदी, ओ ब्लड ग्रुप की 21.19 % फ्रीक्वेंसी और एबी ब्लड ग्रुप की फ्रीक्वेंसी 7.89% रही। आरएच पॉजिटिव कोविड के प्रति अधिक संवेदनशील
ब्लड ग्रुप और कोरोना संक्रमण पर अध्ययन
शोध पत्र फ्रंटियर्स इन सेल्युलर एंड इंफेक्शन माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया कि यह स्टडी अस्पताल के अनुसंधान विभाग ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन ने किया है। जिसमें आरएच फैक्टर जो कि एक प्रोटीन है, रेड ब्लड सेल्स की कोशिकाओं की सतह पर हो सकता है। यह जिन लोगों के खून में पाया जाता है, उनके खून को आरएच पॉजिटिव कहा जाता है। जिन लोगों के खून में आरएच फैक्टर नहीं पाया जाता, उन्हें आरएच निगेटिव कहते हैं।
पाया गया कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप ए और बी है या जो लोग आरएच पॉजिटिव हैं, वह कोविड संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। वहीं जिन लोगों में आरएच तत्व नहीं हैं, उन में कोरोना का खतरा कम होता है।
पुरुषों में संक्रमण का जोखिम अधिक
शोध में यह भी पाया गया कि बी ब्लड ग्रुप वाले पुरुषों में महिलाओं की तुलना में कोविड 19 का खतरा ज्यादा होता है। वहीं एबी ब्लड ग्रुप वाले 60 वर्ष की आयु के लोगों में भी संक्रमण का जोखिम अधिक होता है। ए ब्लड ग्रुप और आरएच पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वाले लोगों को कोरोना जल्दी हो सकता है, साथ ही उन्हें रिकवरी में भी बाकियों से ज्यादा समय लग सकता है।
------------------
Association of ABO and Rh Blood Group in Susceptibility, Severity, and Mortality of Coronavirus Disease 2019: A Hospital-Based Study From Delhi, India
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।