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Coronavirus: कोरोना वायरस में लगातार हो रहा बदलाव, कितनी चिंता की बात? जानिए इसके बारे में सबकुछ

Fri, 18 Dec 2020 02:17 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Fri, 18 Dec 2020 02:17 PM IST
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Coronavirus new variant information about covid 19 strains
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

मेरा कोरोना वायरस के 'नए वेरिएंट (प्रकार)' को समझने का एक सरल सा तरीका है। सवाल करना: 'क्या वायरस की प्रकृति में बदलाव आया है?' वायरस का बदलना सुनने में डरावना लगता है, लेकिन वायरस का बदलना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। ज्यादातर बदलाव से कोई फर्क नहीं आता या फिर वायरस खुद को इस तरह बदल लेता है कि वो हमें ज्यादा तेजी से संक्रमिक करता है और नया प्रकार पूरी तरह से खत्म हो जाता है। इस बात के कोई स्पष्ट सबूत नहीं हैं कि दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में पाया गया वायरस का नया प्रकार ज्यादा आसानी से संक्रमित करता है, ज्यादा गंभीर लक्षण देता है या वैक्सीन उसपर असरदार नहीं होगी। 

Coronavirus new variant information about covid 19 strains
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

हालांकि दो वजहों से वैज्ञानिक इसपर करीबी नजर बनाए हुए हैं। पहला कि जिन इलाकों में ये प्रकार पाया गया, वहां मामले ज्यादा मिले। ये चेतावनी का एक संकेत है, हालांकि इसे दो तरह से समझा जा सकता है। वायरस ने खुद को इसलिए बदला ताकि वो ज्यादा आसानी से फैल सके और ज्यादा लोगों को संक्रमित करे। ये भी हो सकता है कि वायरस के प्रकार को सही लोगों को सही वक्त पर संक्रमित करने का एक मौका मिल गया। गर्मी में 'स्पेनिश प्रकार' के वायरस के फैलने की एक वजह बताई जाती है कि हॉलीडे पर लोग इसकी चपेट में आए और फिर इस वायरस को घर ले आए। लैब में प्रयोग करने के बाद ही पता चल पाएगा कि क्या ये प्रकार दूसरे तरह के वायरस के प्रकार से ज्यादा संक्रामक है। 

Coronavirus new variant information about covid 19 strains
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

जिस दूसरी बात ने वैज्ञानिकों की भौहें चढ़ा दी हैं वो है कि वायरस किस तरह खुद को बदल रहा है। कोविड-19 जीनोमिक्स यूके (COG-UK) कंसोर्टियम के प्रोफेसर निक लोमन कहते हैं, 'हैरानी की बात है कि इस वायरस में बहुत से बदलाव हुए हैं। जितना कि हमने उम्मीद नहीं की थी और कुछ बदलाव दिलचस्प हैं।' 

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Coronavirus new variant information about covid 19 strains
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

दो खास तरह के बदलाव हैं। दोनों महत्वपूर्ण स्पाइक प्रोटीन में पाए जाते हैं। वायरस स्पाइक प्रोटीन का इस्तेमाल हमारे शरीर की कोशिकाओं को हाइजैक करने के लिए करता है। म्यूटेशन N501 स्पाइक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बदल देता है, जिसे 'रिसेप्टर-बाइंडिग डोमेन' कहता जाता है। ये वो जगह है जहां स्पाइक हमारे शरीर की कोशिकाओं की सतह से पहला संपर्क बनाता है। अगर कोई बदलाव वायरस को अंदर घुसना ज्यादा आसान बना देता है तो वो बदलाव अहम है। प्रोफेसर लोमन कहते हैं, 'ये एक महत्वपूर्ण बदलाव दिखाई पड़ता है।'  

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Coronavirus new variant information about covid 19 strains
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

दूसरा म्यूटेशन है - H69/V70 डिलिशन, ये इससे पहले भी कई बार पाया गया है। ये संक्रमित ऊदबिलाव जानवर में भी पाया जा चुका है। चिंता की बात ये थी कि ठीक हुए व्यक्ति के खून में पाई जाने वाली एंटीबॉडी वायरस के इस तरह के प्रकार पर कम असरदार होती थी। इसलिए इसको समझने के लिए और अध्ययनों की जरूरत होगी। बर्मिंघम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एलन मैकनली ने कहा, 'हम जानते हैं कि ये एक नया प्रकार है। हम जैविक रूप से इसके बारे में कुछ नहीं जानते हैं। इसके असर के बारे में कोई अनुमान लगाना अभी जल्दबाजी होगी।' 

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