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कोविड-19: क्या वैक्सीन का असर कम कर सकता है कोरोना वायरस में आया म्यूटेशन? बढ़ी चिंता

Wed, 07 Apr 2021 07:22 PM IST
सोनू शर्मा बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Published by: सोनू शर्मा Updated Wed, 07 Apr 2021 07:22 PM IST
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Coronavirus new variant covid 19 mutation corona vaccine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

जापान के सरकारी टेलीविजन चैलन एनएचके ने कहा है कि बीते महीने जापान के टोक्यो अस्पताल में कोरोना वायरस के लिए जिन लोगों का टेस्ट हुआ है, उनमें से 70 फीसदी लोगों में जो कोरोना वायरस का वैरिएंट पाया गया है, उसमें एक नया म्यूटेशन देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ये म्यूटेशन वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा को कम कर सकता है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, E484K नाम के इस म्यूटेशन को कई वैज्ञानिक 'ईक' कह रहे हैं। मार्च में टोक्यो मेडिकल एंड डेन्टल यूनिवर्सिटी मेडिकल अस्पताल के जिन लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ है, उनमें से प्रत्येक 14 में से 10 में वायरस का 'ईक' म्यूटेशन पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार जिन लोगों में ये म्यूटेशन देखा गया है, उनमें से किसी से कोई विदेश यात्रा नहीं की है या इस म्यूटेशन वाले वैरिएंट से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में नहीं आए थे।

Coronavirus new variant covid 19 mutation corona vaccine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

जापान में जुलाई में ओलंपिक शुरू होने वाले हैं, जिससे पहले जापान कोरोना वायरस की एक और लहर का सामना कर रहा है। ऐसे में वायरस में आए इस नए म्यूटेशन को लेकर वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यहां रविवार को संक्रमण के 2702 नए मामले दर्ज किए गए थे। जापान में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 4.82 लाख मामले दर्ज किए गए हैं। यहां कोरोना वायरस अब तक 9,221 लोगों की जान ले चुका है। 

Coronavirus new variant covid 19 mutation corona vaccine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

E484K म्यूटेशन क्या है?

मेडिकल जर्नल बीएमजे के अनुसार, E484K म्यूटेशन की पहचान पहले दक्षिण अफ्रीका के कोरोना वायरस वैरिएंट में की गई थी। यहां B1353 कोरोना वायरस वैरिएंट के अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन हाल में वायरस का एक और B117 वैरिएंट भी देखा गया है। ब्राजील के नए कोरोना वायरस वैरिएंट में भी ये म्यूटेशन देखा गया है। हाल के दिनों में ये म्यूटेशन ब्रिटेन के कोरोना वायरस B117 वैरिएंट में भी पाया गया है। पत्रिका के अनुसार, ये म्यूटेशन वायरस के स्पाइक प्रोटीन में है और इसका शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और संभवत: वैक्सीन के असर पर पड़ सकता है। 

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Coronavirus new variant covid 19 mutation corona vaccine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया है कि B117 वैरिएंट में आया ये म्यूटेशन वायरस के वैक्सीन से 'बच कर निकलने में' यानी वैक्सीन लगने के बाद भी इसके असर से बचने में हो सकता है। मतलब है कि ये म्यूटेशन वैक्सीन लगने के बाद भी फिर से व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। 

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Coronavirus new variant covid 19 mutation corona vaccine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

स्टडी के प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर रवि गुप्ता के अनुसार 'वैक्सीनेशन के बाद शरीर में वायरस को खत्म करने के लिए जो एंटीबॉडी बनती हैं, ये म्यूटेशन, B117 वेरिएंट पर इन एंटीबॉडी का असर थोड़ा कम हो सकता है। हालांकि इसका असर बहुत अधिक होगा ये कहा नहीं जा सकता, इसलिए लोगों को वैक्सीन दी जानी जरूरी है। जैसा कि दूसरे वैरिएंट में देखा गया है B117 वैरिएंट में और म्यूटेशन होते जाएंगे, ऐसे में हमें नेक्स्ट जेनेरेशन वैक्सीन के बारे में सोचना चाहिए जो इन नए वैरिएंट से निपटने में कारगर साबित हो।'

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