{"_id":"604878808ebc3ec39d6137a1","slug":"coronavirus-new-study-women-reported-decreased-happiness-during-covid-19-pandemic","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Coronavirus: कोरोना महामारी के दौरान महिलाओं की खुशी में आई कमी, शोध में दावा","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Coronavirus: कोरोना महामारी के दौरान महिलाओं की खुशी में आई कमी, शोध में दावा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 10 Mar 2021 01:19 PM IST
विज्ञापन
1 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
कोरोना महामारी ने पिछले एक साल से दुनियाभर के लोगों को परेशान करके रखा हुआ है। महामारी के इस दौर में खासकर महिलाओं को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा है। एक हालिया अध्ययन में पाया गया है कि कोरोना महामारी के दौरान महिलाओं, विशेष रूप से माताओं, ने पुरुषों की तुलना में चाइल्ड केयर और घर के काम जैसे कार्यों पर अधिक समय बिताया। बदले में, घर के कामों को पूरा करने में लगने वाला समय निचले कल्याण से जुड़ा हुआ था और महामारी के दौरान उनकी खुशी में कमी आई है। इस अध्ययन को प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज नामक पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।
2 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
संयुक्त राष्ट्र महिला आयोग की उप कार्यकारी निदेशक अनिता भाटिया ने हाल ही में कहा था कि महामारी की वजह से पुरुषों की तुलना में महिलाओं की समस्याएं काफी हद तक बढ़ गई हैं। बच्चों और परिवार की देखभाल को लेकर उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं और इस वजह से उनका कार्यस्थल यानी नौकरी पर फिर से लौटना नामुमकिन सा हो गया है।
3 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
अनिता भाटिया का कहना था कि महामारी के इस दौर में महिलाओं की जिम्मेदारियां तीन से चार गुना ज्यादा बढ़ी हैं। उनके मुताबिक, महामारी से पहले भी पुरुषों की तुलना में महिलाएं बिना वेतन के घर के कामों में अधिक समय बिता रही थीं, लेकिन अब उनका यह काम और भी बढ़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 4
कोरोना वायरस
- फोटो : Pixabay
अनिता भाटिया के मुताबिक, पिछले एक साल में यानी महामारी के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी नौकरियां गंवाई हैं, जिसमें महिलाओं भी शामिल हैं। अब जब चूंकि लोगों को एक बार फिर नौकरियों पर रखा जा रहा है, ताकि अर्थव्यवस्था को सुधारा जा सके, लेकिन जिस संख्या में महिलाओं को नौकरी से निकाला गया था, उतनी तादाद में उन्हें नौकरी पर रखा नहीं जा रहा है। यह काफी चिंता का विषय है। उन्होंने दुनियाभर के देशों को आगाह किया है कि अगर यह सिलसिला जारी रहा तो जाहिर है उत्पादकता में कमी आएगी। ऐसे में सरकारों और कंपनियों को अपना नजरिया बदलना होगा और कंपनियों को महिलाओं के बारे में सोचना होगा और उन्हें वैसा काम देना होगा, जिससे वो दफ्तर का काम भी कर सकें और परिवार और बच्चों की भी देखभाल कर सकें।
सबसे विश्वसनीयहिंदी न्यूज़वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ेंलाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसेहेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health and fitness news), लाइवफैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्टफूड न्यूज़इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) औरयात्रा (travel news in Hindi) आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।