फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Coronavirus: कोरोना के ब्रिटेन स्ट्रेन से अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम 64 फीसदी अधिक, शोध में दावा

Thu, 25 Feb 2021 06:19 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Thu, 25 Feb 2021 06:19 PM IST
विज्ञापन
Coronavirus new study found Hospitalisation risk 64 percent higher with UK covid 19 variant
कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन - फोटो : istock

कोरोना वायरस के ब्रिटेन वाले स्ट्रेन को हमेशा से ही खतरनाक माना जा रहा है। अब एक ताजा अध्ययन में यह दावा किया जा रहा है कि ब्रिटेन में पहली बार मिले कोरोना के अधिक संक्रामक स्ट्रेन से संक्रमित लोगों के अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम अधिक है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यह अध्ययन डेनमार्क के सीरम इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है। इस अध्ययन में कोरोना के B.1.1.7 स्ट्रेन से संक्रमित 2,155 लोगों को रखा गया था, जिसमें से 128 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह कोरोना के अन्य वैरिएंट से संक्रमित लोगों की तुलना में 64 फीसदी अधिक है। ब्रिटेन में भी इस महीने की शुरुआत में इसी तरह का अध्ययन  किया गया था, जिसके परिणाम भी बिल्कुल डेनमार्क में हुए अध्ययन के समान ही थे। 

Coronavirus new study found Hospitalisation risk 64 percent higher with UK covid 19 variant
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

ब्रिटिश वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि ब्रिटेन में पाया गया कोरोना का स्ट्रेन अन्य स्ट्रेन की अपेक्षा 30 से 70 फीसदी अधिक घातक है। हाल ही में हुए एक अन्य शोध में यह दावा किया गया है कि अब कोरोना से संक्रमित महिला और पुरुष मरीजों का अनुपात 50:50 हो गया है। ब्रिटेन के विशेषज्ञ डेविड स्ट्रेन का कहना है कि नए स्ट्रेन के तेजी से फैलने से अब वे लोग (खासकर युवा महिलाएं) भी इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिन्हें पहले बहुत कम खतरा रहता था। 

Coronavirus new study found Hospitalisation risk 64 percent higher with UK covid 19 variant
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

हालांकि किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अन्य शोध के मुताबिक, नया स्ट्रेन अधिक गंभीर मामलों का कारण नहीं बनता है। दरअसल, शोधकर्ताओं ने सितंबर से दिसंबर 2020 के बीच ब्रिटेन में 55,000 कोरोना मरीजों की मृत्यु दर की तुलना पर अध्ययन किया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Coronavirus new study found Hospitalisation risk 64 percent higher with UK covid 19 variant
कोरोना वायरस - फोटो : Pixabay

भारत में भी ब्रिटेन से लौटे कई लोगों में नए स्ट्रेन से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने इस नए स्ट्रेन के सात लक्षणों के बारे में बताया है। इन लक्षणों में शरीर में दर्द, गले में खराश, आंख आना, सिरदर्द, डायरिया, त्वचा पर रैशेज पड़ना, पैर की उंगलियों का रंग बदलना, शामिल हैं। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed