कोरोना वायरस का संक्रमण देश में तेजी से बढ़ रहा है। कई शहरों में हर दिन संक्रमण के सैकड़ों मामले सामने आ रहे हैं। बढ़ते संक्रमण के बीच लोगों को तमाम एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। इस संक्रमण काल में लोगों के मन में बहुत सारे सवाल होते हैं कि कोरोना से बचने के लिए क्या उपाय किए जाएं। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए फेस मास्क का व्यापक प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ ही हाइजीन मेंटेन करना बहुत जरूरी बताया गया है। घर की सफाई के दौरान फर्नीचर, सीढ़ियों की रेलिंग से लेकर किचन, वॉश बेसिन, टॉयलेट, बाथरूम वगैरह की साफ-सफाई जरूरी है।
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कोरोना वायरस: फ्लश के दौरान टॉयलेट सीट का ढक्कन बंद रखने की सलाह दे रहे शोधकर्ता
Sat, 20 Jun 2020 09:35 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Sat, 20 Jun 2020 09:35 PM IST
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शौचालय
- फोटो : Social media
शौचालय (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
- चीन स्थित यंग्जहौ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर दावा किया है कि संक्रमित व्यक्ति के टॉयलेट इस्तेमाल करने से बाथरूम में कोविड का वायरस फैल सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर फ्लश के दौरान टॉयलेट सीट का ढक्कन बंद कर दिया जाए तो कोरोना संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
टॉयलेट फ्लश बटन
- फोटो : Social media
- वैज्ञानिकों ने कोरोना संक्रमण वाले मरीजों के मल से वायरस फैलने के खतरे को लेकर यह अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने पाया कि मरीज के ठीक हो जाने के बाद भी वायरस उसके मल में पांच हफ्ते तक जिंदा रह सकता है। इसी आधार पर शोधकर्ताओं का कहना है कि फ्लश करते समय सावधानी बरती जाए तो वायरस इधर-उधर नहीं फैलेंगे।
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शौचालय
- फोटो : Social Media
- अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि फ्लश करने पर बहाव के कारण संक्रमित कण पानी से तीन फीट यानी एक मीटर ऊंचाई तक पहुंच जाते हैं। मल में मौजूद संक्रमित कणों के साठ प्रतिशत कण हवा में पहुंच सकते हैं। अगर ढक्कन बंद हो तो इन कणों को बाथरूप में फैलने से रोका जा सकता है।
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शौचालय
- फोटो : Instagram
एक मिनट तक हवा में रहते हैं ये कण
- जर्नल 'फिजिक्स ऑफ फ्लड' में प्रकाशित शोध में बताया गया है टॉयलेट सीट से निकलकर वॉशरूम के वातावरण में एक मिनट से अधिक समय तक संक्रमित कण हवा में रहते हैं। इन कणों के संपर्क में आने से स्वस्थ व्यक्ति संक्रमित हो सकता है।