देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में अब लगातार कमी आ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना के 37 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जबकि 900 से अधिक मरीजों की जान चली गई। वही टीकाकरण की अगर बात करें तो अब तक देशभर में 33 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। इस बीच कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट ने अलग चिंता में डाल दिया है। कहा जा रहा है कि इस वैरिएंट की वजह से तीसरी लहर आ सकती है। हालांकि यह अभी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता, लेकिन सावधानी जरूरी है। इसके अलावा कोरोना से ठीक होने के बाद भी कई तरह की समस्याएं पैदा हो रही हैं, जो अलग चिंता का विषय है और इसपर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत होती है। पोस्ट कोविड में हृदय संबंधी परेशानियां भी देखने को मिली हैं। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और पोस्ट कोविड से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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विशेषज्ञ: कोरोना से ठीक हो गए तो तुरंत न करें ये काम, हो सकते हैं दिल के मरीज
Tue, 29 Jun 2021 03:19 PM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 29 Jun 2021 03:19 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
तीसरी लहर में डेल्टा प्लस वैरिएंट की कितनी भूमिका रहेगी?
- डॉ. बलबीर सिंह कहते हैं, 'अभी डेल्टा प्लस के बहुत कम केस आए हैं, इसलिए ये कहना मुश्किल है कि यह कैसा बिहेव (व्यवहार) करेगा। जब डेल्टा वैरिएंट आया, तब काफी केस बढ़े, काफी मौत भी हुई थी। लेकिन ये कहना कि डेल्टा प्लस भी ऐसे ही बिहेव करेगा, जल्दी होगा। अभी तीसरी लहर की चर्चा हो रही है, वो भी आएगी या नहीं, उसका इंतजार नहीं करना है। हमें सावधानियां बरतनी हैं और वैक्सीन लेनी है। डेल्टा प्लस एक वैरिएंट है और यह संक्रमण फैला सकता है, ऐसे वैरिएंट आगे भी आएंगे। इसलिए वैरिएंट से डरने से अच्छा है, बचाव पर ध्यान दें। तीसरी लहर भी हो सकता है आए और सामान्य सर्दी-जुकाम की तरह ही आकर चली जाए। ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि कुछ भी भविष्यवाणी करना सही नहीं होगा, क्योंकि पहले भी भारत को लेकर काफी कुछ कहा गया, लेकिन वैसा देखने को नहीं मिला।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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कोविड की अभी की स्टडी में सरफेस ट्रांसमिशन को लेकर क्या कहा जा रहा है?
- दिल्ली स्थित मैक्स अस्पताल के डॉ. बलबीर सिंह कहते हैं, 'सरफेस और एयरबॉर्न ट्रांसमिशन को लेकर जो स्टडी आई है, उसमें पाया गया कि अभी जो दूसरी लहर में केस इतनी तेजी से बढ़े हैं, उसमें मास्क न लगाने की वजह से एयरबॉर्न से संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा हैंड सैनिटाइजेशन बहुत जरूरी है। अगर कहीं वायरस वाली सरफेस (सतह) के संपर्क में आए हैं और वही हाथ मुंह या नाक के पास जाता है तो संक्रमण हो सकता है। इसलिए कहा जा रहा है कि मास्क, हैंड सैनिटाइजर और सुरक्षित दूरी का पालन करें।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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अगर हार्ट पंपिंग कम है, तो ऐसे मरीज के लिए कोविड कितना खतरनाक है?
- डॉ. बलबीर सिंह कहते हैं, 'हार्ट पंपिंग जैसे-जैसे कम होती है, लाइफ एक्सपेक्टेंसी (जीवन प्रत्याशा) कम होती जाती है। जब यह 30 प्रतिशत से कम होती है तो यह बहुत खतरनाक जोन है। ऐसे मरीज को बचाने के लिए अब हमारे पास बहुत तरीके हैं, हालांकि पहले नहीं थे। करीब 10 साल पहले इस तरह के लोगों को हम एक साल तक का समय देते थे, जबकि अब उनका इलाज करके हम करीब 10 साल तक उनकी उम्र बढ़ा सकते हैं। लेकिन जरूरत है सही समय पर पहुंचने की। किसी हार्ट के मरीज की पंपिंग कम है तो उन्हें बहुत जरूरी है कि वह तुरंत वैक्सीन लें और दवा नियमित लेते रहें।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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पोस्ट कोविड में बहुत से लोगों में कार्डियक से संबंधित समस्या पाई गई, क्या कहेंगे?
- डॉ. बलबीर सिंह कहते हैं, 'जी हां, कोविड से ठीक होने के बाद हार्ट की समस्या काफी लोगों में पाई गई है। इसमें ध्यान सिर्फ इस बात का रखना है कि अगर ठीक हो गए हैं, तो तुरंत बहुत ज्यादा एक्टिव न हों। बहुत लोग तुरंत जिम, हैवी एक्सरसाइड (भारी व्यायाम), दौड़ना आदि शुरू कर देते हैं। लेकिन ऐसा न करें, कम से कम दो महीने तक आराम करें। अगर सांस फूलती है, जल्दी थकान हो रही है तो हार्ट के डॉक्टर से संपर्क करें।'