कोरोना वायरस से बचाव को लेकर डॉक्टर और विशेषज्ञ शुरुआत से ही सोशल डिस्टेंसिंग रखने, साफ-सफाई बरतने और मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं। कोरोना से सुरक्षा के लिए शुरुआत से ही एन 95 मास्क को सबसे सुरक्षित बताया जा रहा था, लेकिन पिछले दिनों विशेषज्ञों ने बताया कि वॉल्व वाले एन 95 मास्क कोरोना से सुरक्षा नहीं देते हैं। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी इससे संबंधित दिशानिर्देश जारी किया था। हालांकि यह भी बताया गया कि बिना वॉल्व वाला एन95 मास्क पहनना सुरक्षित है। विशेषज्ञ घर में सूती कपड़े के दो-तीन लेयर वाले मास्क को भी सुरक्षित बता चुके हैं। इसे धोकर इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन डिस्पोजेबल मास्क को बार-बार इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। क्या आप जानते हैं कि मास्क को डिस्पोज कैसे किया जाना चाहिए?
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कोरोना वायरस: मास्क उतारने और डिस्पोज करने का सही तरीका क्या है?
Sun, 23 Aug 2020 10:37 AM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Sun, 23 Aug 2020 10:37 AM IST
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Coronavirus Mask
- फोटो : iStock
डॉ. रुपाली मलिक
- फोटो : Twitter@AIR
- नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल की डॉ. रुपाली मलिक बताती हैं कि मास्क पहनने से ज्यादा उसे उतारना अहम है, क्योंकि मास्क उतारते वक्त ही संक्रमण का खतरा रहता है। मास्क में अगर दो डोरियां लगी हो तो पहले नीचे की डोरी खोलें। ऊपर की डोरी पहले खोलने पर मास्क पलट कर चेहरे या गर्दन पर लग जाएगा, जो खतरनाक हो सकता है। अगर इलास्टिक लगा है तो ध्यान से खींच कर उतारें। ध्यान रहे कि मास्क का रिबन या इलास्टिक पकड़ कर ही मास्क उतारना है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- दरअसल, कोरोना से बचने के लिए मास्क पहनना तो बहुत जरूरी है। बहुत सारे लोग ग्लव्स का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य व्यक्ति को मास्क और ग्लव्स को उपयोग करने के बाद यहां-वहां नहीं फेंकना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक, मास्क और ग्लव्स न तो कोरोना वेस्टेज माना जाएगा और न ही बायो मेडिकल वेस्ट माना जाएगा। इसे तीन दिन यानी 72 घंटे तक पैपर बैग में रखना चाहिए और इसके बाद इसे काटकर कचरा जमा करने के लिए नगरपालिका की जो गाड़ी आती है, उसमें सूखे कचरे के साथ डाल सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई कोरोना पॉजिटिव या कोरोना संदिग्ध हैं और तक मास्क, ग्लव्स वगैरह इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इस्तेमाल के बाद इसे कोरोनो वेस्टेज माना जाएगा। इसे ढक्कन वाले कूड़ेदान में रखना सही होगा। इसे या तो बायो मेडिकल वेस्ट की गाड़ी में देना चाहिए या फिर नगर निगम के कचरा कलेक्शन वाली गाड़ी में ब्लैक बॉक्स में रखा जा सकता है।
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मास्क पहने हुए एक मजदूर(File Photo)
- फोटो : PTI
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दिशानिर्देश
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दिशानिर्देश में स्पष्ट किया गया है कि कोविड मरीज द्वारा उपयोग की गई हर वस्तु कोरोना वेस्ट नहीं मानी जाएगी। केवल ग्लव्स, मास्क, सिरिंज, फेंकी गई दवाएं, यूरिन बैग, बॉडी फ्लयूड, ब्लड सोक्ड टिश्यूज या कॉटन आदि इसमें शामिल होंगे। दवाओं के डिब्बे, रैपर, फलों के छिलके, जूस बॉटल आदि को म्यूनिसिपल वेस्टेज के साथ रखा जा सकता है।