भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या एक करोड़ एक लाख 88 हजार से अधिक हो गई है जबकि एक लाख 47 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि यहां काफी संख्या में लोग ठीक भी हुए हैं। सरकार का कहना है कि देश में कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोविड से स्वस्थ होने वालों की संख्या लगभग 97 लाख 50 हजार हो गई है। ऐसे में एक जरूरी सवाल यह है कि आखिर कोविड से ठीक हो चुके मरीजों का खान-पान कैसा होना चाहिए? आइए विशेषज्ञ से कोरोना से जुड़े कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब जानते हैं...
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Coronavirus: कैसा होना चाहिए कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों का खान-पान? विशेषज्ञ से जानें सबकुछ
Sun, 27 Dec 2020 01:27 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 27 Dec 2020 01:27 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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कोविड से ठीक हो चुके मरीजों का खान-पान कैसा होना चाहिए?
- दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. तन्मय तालुकदार बताते हैं, 'कुछ मरीजों को ठीक होने के बाद भी कुछ समस्याएं रहती हैं। इसमें पानी खूब पीना है, आराम बहुत करना है, प्रोटीन अच्छे से लें। संतुलित आहार लें और रोज व्यायाम करें। अगर संक्रमण के दौरान फेफड़ों से संबंधित बीमारी हुई है तो नियमित रूप से ब्रीदिंग एक्सरसाइज (सांस लेने संबंधी व्यायाम) करें। नींद पूरी लें और तनाव से दूर रहने के लिए परिवार के साथ जुड़े रहें।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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भारत में वैक्सीन लॉजिस्टिक्स कितनी बड़ी बात है?
- डॉ. तन्मय तालुकदार के मुताबिक, 'वैक्सीन बनाने में भारत नंबर-1 पर है। हमारे यहां पहले ही टीकाकरण के लिए नेटवर्क बना हुआ है। बस कोरोना की वैक्सीन आते ही नेटवर्क का सही प्रयोग कर जन-जन तक वैक्सीन पहुंचने लगेगी।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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क्या हमारे देश में भी वायरस में कोई बदलाव आया है?
- डॉ. तन्मय तालुकदार बताते हैं, 'इस वायरस में हर महीने दो से तीन बदलाव होते रहते हैं। हजारों की तादाद में ये बदलाव देखे जाते हैं। दरअसल, इसी बीच वायरस में नया स्ट्रेन पाया गया है। इस वायरस के संक्रमण करने की क्षमता भले ही अधिक है, लेकिन गंभीर रूप से बीमार होते हैं, ऐसा नहीं है।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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किसी वायरस के नए स्ट्रेन को आइसोलेट करना कितना कठिन है?
- डॉ. तन्मय तालुकदार बताते हैं, 'कोरोना वायरस आरएनए वायरस है। इसकी खासियत होती है कि यह एक से दो, दो से दो हजार हो जाते हैं। ये प्रजनन बहुत तेजी से करते हैं, जिनमें इनके आनुवांशिक गुणों में बदलाव होता है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। इसे ऐसे समझिए कि कोविड-19 का पहला स्ट्रेन वुहान में आया, लेकिन उसके बाद जो इटली में स्ट्रेन आया, वही पूरे विश्व में फैला। अब ब्रिटेन में पाया गया नया स्ट्रेन दुनिया में नहीं फैले, इसलिए सरकारें तत्परता से कार्यरत हैं।'