फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कोरोना वायरस: हद से ज्यादा महंगी क्यों है रेमडेसिविर, इस दवा के बारे में क्या आप ये बातें जानते हैं?

Fri, 24 Jul 2020 12:23 PM IST
निलेश कुमार बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Published by: निलेश कुमार Updated Fri, 24 Jul 2020 12:23 PM IST
विज्ञापन
Coronavirus drug found remdesivir is very costly all you need to know about remdesivir Covid 19 medicine
रेमडेसिवीर - फोटो : Hetero website

मई में जब इस बात का एलान हुआ कि कोविड-19 के मरीजों पर एक दवा असरदार साबित हो रही है तो इसे लेकर बड़ी उम्मीदें पैदा हो गई थीं। ये दवा रेमडेसिविर थी। यह अमरीकी फार्मा कंपनी गिलियड की एक एंटीवायरल दवा है। शुरुआती जांच से पता चला था कि यह दवा कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को जल्दी ठीक कर सकती है। इस एलान के बाद पूरी दुनिया के विशेषज्ञों, डॉक्टरों और राजनेताओं ने खुद से एक सवाल पूछा। यह सवाल था कि गिलियड इस दवा के लिए कितने पैसे वसूलेगी?



उस वक्त केवल दो दवाएं ही कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में प्रभावी साबित होती नजर आ रही थीं। पहली रेमडेसिविर थी जबकि दूसरी एक स्टेरॉयड डेक्सामेथासोन थी। कुछ दिन पहले इस सवाल का जवाब मिल गया। अमरीका में बीमा कंपनियों को हर मरीज के पांच दिन के इलाज के लिए 3,120 डॉलर हर हालत में चुकाने होंगे। दूसरे विकसित देशों को प्रति इलाज के लिए 2,340 डॉलर चुकाने होंगे।

Coronavirus drug found remdesivir is very costly all you need to know about remdesivir Covid 19 medicine
रेमडेसिविर दवा - फोटो : Social Media

गिलियड ने एक बयान में कहा कि विकासशील देशों में कंपनी जेनेरिक दवा बनाने वाली कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है ताकि इन देशों में दवा काफी कम दाम में मुहैया कराई जा सके। हालांकि, इसमें कीमत के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया। गिलियड के सीईओ डैनियल ओ'डे ने बयान में कहा, "हम रेमडेसिविर की कीमत तय करने को लेकर हमारे ऊपर मौजूद बड़ी जिम्मेदारी को समझते हैं। काफी सावधानी, लंबा वक्त और चर्चा करने के बाद हम अपना फैसला साझा करने के लिए तैयार हैं।" ये फैसला हालांकि, एक बड़े तबके की आलोचना का शिकार हुआ।

इन लोगों का मानना था कि ऐसे वक्त में जबकि दुनिया एक स्वास्थ्य आपातकाल से गुजर रही है, इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा की इतनी ऊंची कीमत तय करना एक अपराध है। पीटर मेबार्डक ग़ैरसरकारी संगठन 'पब्लिक सिटिजन' के 'एक्सेस टू मेडिसिंस' प्रोग्राम के निदेशक हैं। 'पब्लिक सिटिजन' का मुख्यालय वाशिंगटन में है। 

Coronavirus drug found remdesivir is very costly all you need to know about remdesivir Covid 19 medicine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

पीटर कहते हैं, "घमंड और आम लोगों के प्रति उपेक्षा दिखाते हुए गिलियड ने एक ऐसी दवा की कीमत हजारों डॉलर तय कर दी है जिसे आम लोगों के बीच होना चाहिए।" जानकारों का कहना है कि दवा कंपनियों को मुनाफा कमाने का पूरा हक है क्योंकि उन्हें किसी दवा को विकसित करने और उसका उत्पादन करने पर भारी पूंजी निवेश करनी पड़ती है।

मैड्रिड में कैमिलो जोस सेला यूनिवर्सिटी में फार्माकोलॉजी के प्रोफेसर फ्रैंसिस्को लोपेज मुनोज कहते हैं, "आपको इस तथ्य के साथ शुरू करना पड़ता है कि दवाओं का विकास एक बेहद महंगा सौदा होता है। खोज से लेकर मार्केट में आने तक किसी दवा की औसत कीमत करीब 1.14 अरब डॉलर बैठती है। इसके अलावा इसमें वक्त भी बहुत लगता है। किसी दवा को विकसित करने में 12 साल तक का वक्त लग सकता है और स्टडी की जा रही हर 5,000 दवाओं में से केवल एक ही बाजार तक पहुंच पाती है। इसके साथ ही हमें पेटेंट के एक्सपायर होने को भी देखना पड़ता है। मार्केट में आने के 20 साल बाद दवा का पेटेंट खत्म हो जाता है।"

विज्ञापन
विज्ञापन
Coronavirus drug found remdesivir is very costly all you need to know about remdesivir Covid 19 medicine
Injection - फोटो : Pixabay

हेपेटाइटिस-सी से कोरोना तक
हालांकि, रेमडेसिविर के साथ मामला थोड़ा अलग है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह कोई नई दवा नहीं है। न ही गिलियड ने इसे खासतौर पर कोविड-19 के लिए विकसित किया है। शुरुआत में इस दवा को हेपेटाइटिस-सी के लिए विकसित किया गया था। जब यह पाया गया कि यह हेपेटाइटिस पर बेअसर है तो इसे इबोला वायरस के इलाज के लिए आजमाया गया, लेकिन यह वहां भी काम नहीं आई और गिलियड ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।

इस साल की शुरुआत में कोविड-19 के फैलने के बाद गिलियड ने इस दवा को फिर से टेस्ट करने और इसे कोरोना वायरस के खिलाफ आजमाने का फैसला किया। इन नए क्लीनिकल ट्रायल्स पर अमरीका के नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ और दूसरे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने पैसा लगाया था। यानी कि ये करदाताओं का पैसा था। इसी वजह से विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौर में आम लोगों को यह दवाई उत्पादन की लागत पर मुहैया कराई जानी चाहिए।

विज्ञापन
Coronavirus drug found remdesivir is very costly all you need to know about remdesivir Covid 19 medicine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

हद से ज्यादा महंगी
गिलियड ने रेमडेसिविर की उत्पादन लागत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन क्लीनिकल एंड इकनॉमिक रिव्यू इंस्टीट्यूट (आईसीईआर) के विश्लेषण से पता चला है कि प्रति मरीज 10 दिन के इलाज के लिए इस दवा की मैन्युफैक्चरिंग की लागत करीब 10 डॉलर बैठती है। लेकिन, गिलियड की तय की गई नई कीमत के हिसाब से रेमडेसिविर अपनी पेरेंट कंपनी के लिए 2020 में 2।3 अरब डॉलर की कमाई कर सकती है। रॉयल बैंक ऑफ कनाडा ने इस बात का आकलन किया है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed