दुनियाभर में अब तक कोरोना वायरस से नौ करोड़ 49 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि इससे जान गंवाने वालों की संख्या भी 20 लाख 20 हजार से अधिक हो चुकी है। चीन से फैले इस वायरस ने अब दुनिया के सभी महाद्वीपों को अपनी चपेट में ले लिया है। इसका पहला मामला 17 नवंबर, 2019 को चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में सामने आया था। कहा जाता है कि एक 55 वर्षीय व्यक्ति इससे पहली बार संक्रमित हुआ था। हालांकि चीन ने कभी उस व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं की। फिलहाल इस वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका है और उसके बाद भारत का स्थान है। हालांकि दोनों ही देशों में इसके खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू हो चुके हैं। भारत ने तो 16 जनवरी से ही इस अभियान की शुरुआत की है। आइए जानते हैं लॉकडाउन से लेकर कोरोना वैक्सीन तक का भारत का सफर आखिर कैसा रहा?
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Coronavirus: कैसा रहा लॉकडाउन से लेकर कोरोना वैक्सीन तक का भारत का सफर? जानिए इसके बारे में सबकुछ
Sun, 17 Jan 2021 03:39 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 17 Jan 2021 03:39 PM IST
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भारत में कोरोना टीकाकरण
- फोटो : PTI
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
भारत में कोरोना का पहला मामला कब सामने आया था?
- भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण का सबसे पहला मामला 30 जनवरी, 2020 को सामने आया था। दरअसल, केरल के त्रिशूर में एक छात्र में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए थे। वह चीन के वुहान विश्वविद्यालय से आया था। हालांकि भारत से पहले कई देशों में यह वायरस फैल चुका था, जिसको देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 31 जनवरी को कोरोना वायरस को अंतरराष्ट्रीय आपदा घोषित किया था। इसके बाद दुनिया के अलग-अलग देशों में जब संक्रमण के मामले बढ़ने लगे तो विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 11 मार्च को इसे वैश्विक महामारी घोषित कर दिया।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
भारत में कोरोना वायरस से पहली मौत कब हुई थी?
- इस वायरस की रोकथाम के लिए भारत ने छह मार्च से ही विदेशों से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी, लेकिन चूंकि यह वायरस नया था, इसलिए इसके बारे में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं थी। ऐसे में इसके संक्रमण के मामले धीरे-धीरे भारत में भी बढ़ने लगे। इस बीच 12 मार्च 2020 को भारत में कोरोना संक्रमण से पहली मौत की पुष्टि हुई, जिसके बाद सरकार भी सतर्क हो गई। इसके बाद सरकार ने 17 मार्च को निजी लैब को कोरोना वायरस का टेस्ट करने की अनुमति भी दे दी।
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भारत में लॉकडाउन
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भारत में पहला लॉकडाउन
- देश में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए पहली बार 22 मार्च, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू का आह्वान किया। हालांकि इसके तुरंत बाद यानी 25 मार्च को उन्होंने 21 दिन के पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी। इस बीच सभी घरेलू उड़ानों को भी निलंबित कर दिया गया। इस बीच कोरोना वायरस की टेस्टिंग भी बढ़ाई गई, लेकिन जब मामले लगातार बढ़ने लगे तो लॉकडाउन को भी आगे बढ़ाया जाने लगा, ताकि इस महामारी को नियंत्रित किया जा सके।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
मई 2020 में एक लाख के पार हो गए थे संक्रमण के मामले
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 मार्च 2020 को भारत में कोरोना से संक्रमण के 1,000 मामलों की पुष्टि हो चुकी थी। फिर मामले बढ़े और 14 अप्रैल तक ये 10 हजार से अधिक हो गए। इसके बाद मई का महीना आया, जिसमें देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़कर एक लाख के पार हो गए।