Medically Reviewed by Dr. Ashish Sabwani
डॉ आशीष साबवानी
चर्म रोग विशेषज्ञ, रेडिएंट स्किन क्लिनिक, लखनऊ
डिग्री- एमबीबीएस, एमडी- डर्मेटोलॉजी
अनुभव- 7 वर्ष
पिछले डेढ़ सालों में कोरोना के न जाने कितने ही लक्षण आ गए हैं। हर थोड़ी दिन में कोई एक नया लक्षण आ जाता है जो कि सभी को चौंका देता है लेकिन आवश्यकता है कि इन संकेतों से डरने की बजाय हम इनकी प्रति सावधान हो जाएं ताकि बीमारी का सही समय पर इलाज किया जा सके। फेफड़ों, गले, मुंह, जीभ के लक्षणों के बाद अब नाखून के लक्षण भी कुछ लोगों में देखने में आ रहे हैं इसलिए बहुत आवश्यक है कि यदि नाखूनों से जुड़ा कोई बदलाव नजर आ रहा है तो उसके प्रति लापरवाही न की जाए और समय रहते चिकित्सक से संपर्क कर लिया जाए। अक्सर हम हमारे नाखूनों पर ध्यान नहीं देते हैं लेकिन जरूरी है कि हम उनपर ध्यान दें ताकि बीमारी का पता लगाया जा सके। आइए जानते हैं अगली स्लाइड्स से कि किस तरह हैं कोरोना के ये नए लक्षण।
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इस लक्षण के प्रति लापरवाही न बरतें
- फोटो : pixa
इस तरह दिख सकते हैं नाखून
कई कोरोना संक्रमितों के नाखूनों में अजीबोगरीब बदलाव देखे जा रहे हैं। नाखूनों पर देखा जा रहा है कि लाल रंग की अर्धचंद्र की आकृति बन रही है और वो लंबे समय के लिए वैसी ही रह रही है। चिकित्सक के अनुसार, इस तरह के लक्षण अभी-अभी देखने में आ रहे हैं। पिछले एक साल में पहले कभी ऐसे लक्षण देखने में नहीं आए हैं। इस लक्षण के प्रति लापरवाही न बरतें।
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यह निशान चार सप्ताह तक नाखून पर रह सकते हैं
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नाखूनों पर इसलिए दिख रहे हें लक्षण
कुछ लोगों के शरीर पर जब कोरोना वायरस आक्रमण कर रहा है, तो उसका प्रभाव उनकी रक्त-वाहिकाओं पर भी पड़ रहा है। साथ ही कई बार हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता जब किसी संक्रमण से शरीर के भीतर मुकाबला कर रही होती है तो खून के क्लॉट्स बन जाते हैं। इस वजह से नाखून पर कहीं लाल तो कहीं पर फीके निशान दिखाई देते हैं। यह निशान चार सप्ताह तक नाखून पर रह सकते हैं।
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अपने चिकित्सक से सही समय पर संपर्क कर लें
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नाखून हो रहे कमजोर
जिन लोगों में कोरोना संक्रमण के यह नाखून के लक्षण देखे जा रहे हैं, उनमें कुछ में ये भी पाया गया कि नाखून बेहद कमजोर हो रहे हैं और खुद से ही टूट रहे हैं। कोरोना से ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक हो सकता है कि यह नाखून कमजोर रहें और जरा सा कोई काम करते वक्त टूट जाएं इसलिए यदि आपको नाखून के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो अपने चिकित्सक से सही समय पर संपर्क कर लें नहीं तो हो सकता है कि आगे चलकर आपको ज्यादा परेशान होना पड़े।
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तनाव एक मुख्य कारण हो सकता है
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तनाव के कारण नाखून के रंग में बदलाव
चार सप्ताह बाद लाल अर्धचक्र तो नाखून से मिट सकते हैं लेकिन संभावना है कि नाखून का रंग बदला हुआ नजर आए। नाखून के रंग के बदलने के पीछे तनाव एक मुख्य कारण हो सकता है जो कि संक्रमण के दौरान या उसके बाद भी बना रहा। इसलिए इसको लेकर ज्यादा परेशान होने की कोई बात नहीं है। आप जैसे-जैसे स्वस्थ होने लगेंगे, नाखून का रंग खुद-ब-खुद सामान्य हो जाएगा।
नोट- यह लेख रेडिएंट स्किन क्लीनिक के डॉ आशीष साबवानी से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर आशीष साबवानी पिछले सात सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्रियां केजीएमसी लखनऊ एवं एमयूएचएस नासिक से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।