शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हमें कई तरह के पोषक तत्वों की आवश्यकता होता है। दैनिक रूप से शरीर को कई पोषक तत्वों की अधिक जबकि कुछ की कम मात्रा में जरूरत होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यहां ध्यान रखना आवश्यक है कि हम ऐसे आहार का सेवन करें जिससे शरीर की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके। कम मात्रा में भी शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की कमी के कारण शरीर में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। हम अक्सर आयरन और प्रोटीन की शरीर में कमी और इससे संबंधित समस्याओं के बारे में सुनते और पढ़ते आ रहे हैं, पर क्या आप जानते हैं कि आपका शरीर कॉपर की कमी से भी पीड़ित हो सकता है।
सेहत की बात: शरीर में कॉपर की कमी के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज, हो सकती हैं गंभीर समस्याएं, जानिए कैसे करें इसकी पूर्ति?
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बढ़ जाता है एनीमिया का खतरा
अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों को एनीमिया की शिकायत होती है, उनमें भी कॉपर की कमी हो सकती है। एनीमिया, वह स्थिति है जो शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की कमी को दर्शाता है, आमतौर पर आयरन की कमी के कारण यह समस्या होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि एनीमिया की स्थिति को जन्म देने वाले विभिन्न कारकों में कॉपर की कमी भी प्रमुख हो सकती है।
चलने-दौड़ने में समस्या
अध्ययनों से पता चलता है कि कॉपर, तंत्रिका तंत्र को विनियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका को निभाता है। यही कारण है कि शरीर में कॉपर की कमी के कारण चलने, दौड़ने आदि जैसे मोटर फंक्शन में कमी आ सकती है। कुछ लोगों में मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। ऐसे लक्षणों के दिखते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
त्वचा और आंखों पर असर
कॉपर की कमी के कारण आपकी त्वचा और बाल भी प्रभावित हो सकते हैं। बालों का समय से पहले सफेद होना और मेलेनिन के नुकसान के कारण त्वचा के रंग में पीलापन के पीछे भी कॉपर की कमी को प्रमुख कारण माना जाता है। इसके अलावा कॉपर की कमी आपके आंखों की रोशनी को भी प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक हाइपोकुप्रेमिया की समस्या बने रहने के कराण दृष्टि हानि भी हो सकती है।
कॉपर की कमी को कैसे पूरा करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आहार में कॉपर की अधिकता वाली चीजों का शामिल करना आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। इसके लिए साबुत अनाज, बीन्स, नट्स, आलू जैसी चीजों का सेवन किया जा सकता है। हरे पत्तेदार साग और डार्क चॉकलेट को भी कॉपर का अच्छा स्रोत माना जाता है। वहीं यदि आपको हाइपोकुप्रेमिया की समस्या है तो इस बारे में डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स ले सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।