Medically Reviewed by Dr. Vijayant Kumar Sachan
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.एस (जनरल सर्जरी), डीएनबी (सर्जरी गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी)
अनुभव- 8 वर्ष
इंसान के स्वस्थ रहने के लिए स्वस्थ आहार का सेवन करना भी जरूरी होता है। फल और सब्जियां तो वैसे सेहत के लिए फायदेमंद होती ही हैं, लेकिन इसके अलावा कुछ प्रकार के बीज भी होते हैं, जिन्हें सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। इसमें अलसी के बीज भी शामिल हैं। अलसी के सेवन से स्वस्थ और निरोग रहने में मदद मिलती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि शरीर में प्रोटीन की पूर्ति के लिए हर उम्र के व्यक्ति को अपने आहार में अलसी के बीजों को शामिल करना चाहिए। इससे आप पर्याप्त पोषण पा सकते हैं। इसके अलावा अनेक बीमारियों में अलसी के बीज 'रामबाण औषधि' का काम भी करते हैं। कई रोगों के इलाज में इसके सेवन की सलाह दी जाती है। दरअसल, अलसी में फाइबर से लेकर मैंगनीज, थायामिन और मैग्नीशियम जैसे खनिज अच्छी खासी मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद ही उपयोगी होते हैं। आइए जानते हैं अलसी के बीजों के सेवन से होने वाले फायदों के बारे में...
सलाह: भयंकर कब्ज से हैं परेशान तो ऐसे करें अलसी का सेवन, मिलेंगे और भी कई जबरदस्त फायदे
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कब्ज से दिला सकता है राहत
- अलसी के बीजों में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए इसका इस्तेमाल अक्सर कब्ज से छुटकारा पाने के लिए प्राकृतिक इलाज के रूप में किया जाता है। आप अपने आहार में अलसी को शामिल कर पाचन क्रिया में सुधार कर सकते हैं। इसके लिए एक गिलास पानी में एक बड़ी चम्मच पिसी हुई अलसी दिन में एक या दो बार पिएं, इससे आपकी कब्ज की समस्या ठीक हो जाएगी।
आंतों की समस्याओं से भी दिला सकता है राहत
- अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं, जिन्हें इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज और आंतों के सूजन में सुधार करने में उपयोगी माना जाता है। इसका सेवन मल त्यागने की प्रक्रिया को आसान बना देता है और साथ ही इससे आंतों की समस्याओं में भी राहत मिलती है।
दिल की बीमारियों को रखता है दूर
- अलसी के बीज में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल को स्वस्थ रखने में भी महत्वपूर्ण होते हैं। इससे दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने में मदद मिलती है। अगर आप नियमित रूप से अलसी का सेवन करते हैं तो यह आपको दिल की कई बीमारियों से दूर रख सकता है। यह रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में उपयोगी होता है।
अलसी के नुकसान
- अधिक मात्रा में किसी भी चीज का सेवन नुकसानदायक ही होता है। अलसी के साथ भी ऐसा ही है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अलसी के बीज का अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे आंतों में रुकावट पैदा हो सकती है और साथ ही दस्त की समस्या भी हो सकती है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी अलसी के सेवन से बचना चाहिए।
नोट: डॉ. विजयंत कुमार सचान अत्यधिक योग्य और अनुभवी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन हैं। इन्होंने चेन्नई के स्टेनली मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पूर किया है। इसके बाद इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमएस (जनरल सर्जरी) की पढ़ाई पूरी की है। बता दें कि डॉ. विजयंत कुमार सचान ने हैदराबाद के ग्लोबल हॉस्पिटल से सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में सुपर स्पेशलाइजेशन भी किया है। यहां पर इन्होंने एडवांस्ड मिनिमल एक्सेस सर्जरी (लैप्रोस्कोपी) कॉम्प्लेक्स आंतों के कैंसर सर्जरी, हेपेटोबिलियरी सर्जरी और लिवर ट्रांसप्लांट की ट्रेनिंग ली। इनकी खास दिलचस्पी जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर सर्जरी और एचपीबी सर्जरी में है। डॉ. विजयंत कुमार सचान की आईएमए और एएसआई में सदस्यता भी है। वह एक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन हैं, जो इस क्षेत्र में 8 साल का विशाल अनुभव रखते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।