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ब्लड क्लॉटिंग: गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है यह स्थिति, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Fri, 17 Sep 2021 12:11 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Fri, 17 Sep 2021 12:11 PM IST
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clots can be formed in the body due to these reasons do not ignore such symptoms at all
शरीर में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

रक्त का थक्का बनना, शरीर के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। सामान्यतौर पर ऐसी स्थिति तब होती है जब रक्त के कुछ हिस्से गाढ़े होकर ठोस में परिवर्तित होने लगते हैं। चोट लगने के कारण रक्त के थक्के बनने की समस्या अधिक होती है, हालांकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ब्लड क्लॉटिंग एक आवश्यक प्रक्रिया है जो आपको कुछ मामलों में बहुत अधिक रक्त खोने से बचा सकती है, हालांकि यदि थक्क बनने की प्रकिया नसों में शुरू हो जाए तो यह कई प्रकार से स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक स्थिति हो सकती है। नसों में रक्त के थक्के बनने से सामान्य रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जिससे हृदय और फेफड़ों सहित कई अंगों को गंभीर क्षति पहुंचने का भी खतरा हो सकता है।


डॉक्टर बताते हैं, हमारे शरीर का संचार तंत्र, नसों और धमनियों से बना है जो पूरे शरीर में रक्त पहुंचाती है। धमनियों में थक्के बनने की स्थिति में गंभीर दर्द या शरीर के कुछ हिस्सों में लकवा मारने तक की भी समस्या हो सकती है। इस स्थिति में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। आइए आगे की स्लाइडों में रक्त के थक्के बनने की समस्या और कारणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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रक्त का थक्का बनना (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

रक्त के थक्के बनने के कारण
डॉक्टरों के मुताबिक सामान्यतौर पर त्वचा या रक्त वाहिकाओं की दीवारों में रक्त के विशिष्ट पदार्थों के संपर्क में आने के कारण इस तरह की समस्या के विकसित होने का खतरा हो सकता है। इसके अलावा जब रक्त का ठीक से प्रवाह नहीं हो पाता है तो उस स्थिति में भी रक्त के थक्के बन सकते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक रक्त के थक्के यदि समय पर ठीक नहीं होते हैं तो इसके कारण कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी हो सकता है। 

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रक्त के थक्कों के लक्षणों को पहचाने (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

रक्त के थक्के बनने के लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रक्त के थक्के बनने की स्थिति को जानने के लिए इसके लक्षणों पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। शरीर के जिस हिस्से में यह समस्या है, उसके आधार पर इसके लक्षण भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। जिन हिस्सों में रक्त के थक्के बनने की समस्या हुई है वहां पर सूजन और त्वचा के रंग में बदलाव को स्पष्ट देखा जा सकता है। त्वचा में दर्द की भी समस्या हो सकती है। मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं की दीवारों में वसा जमा होने के कारण रक्त के थक्के बनने की समस्या हो सकती है। इसमें लोगों को दृष्टि संबंधी समस्या होने के साथ कुछ लोगों को झटके आने की भी दिक्कत हो सकती है। 

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रोगियों को दी जा सकती हैं कुछ प्रकार की दवाइयां - फोटो : Pixabay

रक्त के थक्के बनने का उपचार
डॉक्टर सबसे पहले कुछ परीक्षणों के माध्यम से स्थिति का निदान करते हैं, जिससे गंभीरता का पता लगाया जा सके। आवश्यकतानुसार रोगियों को ब्लड थिनर जैसी दवाएं दी जा सकती हैं। रक्त के थक्के को कम करने के लिए डॉक्टर आवश्यकतानुसार कुछ अन्य उपायों को प्रयोग में ला सकते हैं, मुख्यरूप से यह स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करती है। लक्षणों को ध्यान में रखते हुए तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना बहुत आवश्यक होता है।

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स्ट्रेचिंग है सबसे आवश्यक - फोटो : istock

रक्त के थक्के बनने से बचाव के उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर में रक्त के थक्के बनने की समस्या से बचाव किया जा सकता है। शारीरिक निष्क्रियता से रक्त के थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है, इससे बचने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें। लंबी दूरी की यात्रा के समय नियमित रूप से हाथों-पैरों को स्ट्रेच करें। नियमित रूप से पानी पीना सामान्य स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन यात्रा करते समय यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है। कैफीन,शराब और धूम्रपान करने से बचें। मोटापे से रक्त के थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि अधिक वजन से नसों में दबाव बढ़ सकता है, इसलिए वजन को नियंत्रित रखने के प्रयास करें।


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स्रोत और संदर्भ: 
What is a blood clot

अस्वीकरण नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं। 

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