कोरोना संक्रमण के दुनियाभर में बढ़ते खतरे को देखते हुए सभी लोगों से लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहने की अपील की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग और हैंड हाइजीन का ध्यान रखकर कोरोना के खतरे से बचाव किया जा सकता है। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हम सामान्यतौर पर जिस तरह का मास्क पहन रहे हैं, वह संक्रमण से सुरक्षित रखने में कारगर नहीं हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मास्क हमेशा टाइट और नाक-मुंह को अच्छे से कवर करने वाले होने चाहिए, इसके अलावा मास्क किस फेब्रिक से बना हुआ है, यह भी एक बड़ा विषय है जिसको लेकर लोगों को जागरूकता बरतने की आवश्यकता है।
Omicron Variant: संक्रमण से बचाने में इस तरह के मास्क हैं 'फेल', जानिए किस मास्क को कारगर मानते हैं वैज्ञानिक?
कई तरह के मास्क हैं चलन में
कोविड-19 से बचाव के तौर पर वर्तमान में विभिन्न प्रकार के मास्क उपयोग में लाए जा रहे हैं। सीडीसी ने मास्क को इन प्रकारों के बारे में बताया है। कपड़ा के मास्क सूती या सिंथेटिक कपड़े से बने होते है, जबकि सर्जिकल मास्क या डिस्पोजेबल मास्क में तीन परतें होती हैं। वहीं KN95 मास्क चार से पांच लेयरों वाले होते हैं और इनमें वायरस से सुरक्षित रखने की क्षमता अधिक होती है। रिपोर्ट्स में देशभर में सबसे ज्यादा प्रयोग में लाए जा रहे कपड़े से बने मास्क को कोरोना से सुरक्षा देने में काफी निम्नस्तरीय बताया जा रहा है।
क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सिर्फ मास्क पहनकर ही हम कोरोना संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं, हालांकि इसके लिए जरूरी है सही मास्क का सही तरीके से उपयोग। कोरोना वायरस से बचने के लिए एन-95 मास्क का प्रयोग करना सबसे बेहतर माना जाता है। इसमें वायरस को फिल्टर करने की क्षमता, अन्य तरीकों के मास्क की तुलना में अधिक होती है।
कपड़े के मास्क कोरोना संक्रमण से बचा सकते हैं?
मायो क्लिनिक की एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने बताया कि कपड़े के मास्क बातचीत, खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाले ड्रॉपलेट्स को बाहर आने से रोक सकते है, हालांकि इन्हें वायरस से बचाव के लिए प्रभावी नहीं माना जा सकता है। कपड़े के मास्क अगर कई परतों से बने हों और इन्हें टाइट पहना जाए तो इसकी प्रभाविकता थोड़ी बढ़ जाती है। वहीं सीडीसी के मुताबिक कपड़े के उन्हीं मास्क को अच्छा माना जा सकता है जिनमें नोज वायर लगे हों साथ ही जो तेज प्रकाश को भी आरपार जाने से रोक सकते हों।
कौन से मास्क हैं ज्यादा कारगर?
गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल हाइजीनिस्ट्स की एक बैठक में वैज्ञानिकों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति बिना मास्क के संक्रमित व्यक्ति के 6 फीट के भीतर है तो वह आसानी से संक्रमण का शिकार हो सकता है। ऐसे में सभी लोगों का मास्क पहने रहना आवश्यक है। यदि दोनों ने N95 मास्क पहने हैं तो इसे सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जा सकता है। यदि संक्रमित व्यक्ति ने कपड़े का मास्क और दूसरे ने N95 मास्क पहना है, तो वायरस कम से कम 2.5 घंटे तक गैर-संक्रमित व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकता है। N95 मास्क कोरोना के तमाम वैरिएंट्स को रोकने में असरदार माने जा सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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