मोटापा, तेजी से बढ़ते गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों में से एक है। अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापे के कारण लोगों में डायबिटीज, हृदय रोग और कई तरह की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। अगर हम सिर्फ अपने वजन को ही नियंत्रित कर लें तो इस तरह की कई गंभीर समस्याओं के खतरे से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। पर चिंताजनक बात यह है कि पिछले एक दशक में वैश्विक स्तर पर मोटापे के मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली और आहार की गड़बड़ी को इसका प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। हाल के अध्ययन में वैज्ञानिकों ने उस एक खतरे के बारे में पता लगाया है जिसके कारण समय के साथ मोटापे की समस्या और बढ़ती जा रही है।
अध्ययन: प्लास्टिक का ज्यादा उपयोग बढ़ा रहा है मोटापे का खतरा, वैज्ञानिकों ने इन खतरों को लेकर भी किया सावधान
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प्लास्टिक के कारण बढ़ रहा है मोटापे का खतरा
शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन प्लास्टिक की चीजों को रोजाना हम प्रयोग में लाते हैं, उनमें कई प्रकार के रसायन होते हैं, जिनमें से तो बहुतों के बारे में हमें पता भी नहीं होता। चूहों पर किए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि इन चीजों में कई ऐसे रसायन होते हैं जो पर्यावरण के संपर्क में आकर फैट सेल्स को बढ़ाने लग जाते हैं। इसके अलावा इनमें से कुछ रसायन मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित कर सकते हैं, जिससे मोटापे का खतरा बढ़ जाता है।
भोजन में भी प्रवेश कर चुका है प्लास्टिक रसायन
शोधकर्ताओं का कहना है कि जाने- अनजाने प्लास्टिक हमारी खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर चुका है। स्थलीय और समुद्री वातावरण में मैक्रो-प्लास्टिक प्रदूषण बढ़ता जा रहा है, ऐसे में शी-फूड, मछलियों और कई अन्य खाद्य पदार्थों के माध्यम से यह रसायन हमारे शरीर में पहुंचकर गंभीर समस्याओं को बढ़ा सकता है। इसके अलावा प्लास्टिक की चीजों में गर्म भोजन खाना भी शरीर में कई तरह के रसायनों के प्रवेश का कारण बन सकता है। इस बारे में सभी लोगों को विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है।
रसायनों के कारण शरीर को हो सकता है गंभीर नुकसान
प्लास्टिक के कारण शरीर को होने वाले नुकसान के बारे में पहले भी कई अध्ययनों में स्पष्ट हो चुका है। वैज्ञानिकों ने पहले के शोध में बताया कि ये रसायन मानव के संपूर्ण विकास और प्रजनन क्षमता के लिए नुकसानदायक हैं, वहीं अब प्रयोगशाला आधारित अध्ययनों से संकेत मिलता है कि यह मोटापे को भी बढ़ावा दे सकते हैं। इससे पहले साल 2019 के एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया था कि अकेले प्लास्टिक फूड पैकेजिंग में ही 4,000 से अधिक ज्ञात रासायन हो सकते हैं, जिससे शरीर को गंभीर तरीक से क्षति का खतरा रहता है।
क्या है अध्ययन का निष्कर्ष?
अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों का कहना है कि दैनिक जीवन में प्लास्टिक का बढ़ता प्रयोग मोटापे जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता जा रहा है। शरीर का वजन बढ़ने से टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, फैटी लीवर डिजीज, स्ट्रोक और कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। हमारी यह आदत भविष्य के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है, इस बारे में सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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स्रोत और संदर्भ
Secular differences in the association between caloric intake, macronutrient intake, and physical activity with obesity
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