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Report: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कैंसर से संबंधित अधिकतर जानकारियां गलत, इन बातों को आप भी तो नहीं मानते हैं सच?

Thu, 05 Dec 2024 04:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 05 Dec 2024 04:48 PM IST
सार

हेल्थ ऑफ इंडिया समिट के दौरान जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भारत में कैंसर के बारे में गलत सूचनाओं का प्रसार बहुत अधिक है। इससे लोग गुमराह हो रहे हैं, जो घातक है। कहीं आप भी कैंसर को लेकर फैली भ्रामक जानकारियों और अफवाहों को सच तो नहीं मानते आ रहे हैं?

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Challenges of Cancer Misinformation on Social Media know myths and facts about cancer
कैंसर का खतरा - फोटो : Freepik.com

Cancer In India: कैंसर वैश्विक स्तर पर सबसे घातक बीमारियों में से एक है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार दुनियाभर में कैंसर के कारण लगभग 9.7 मिलियन (97 लाख) से अधिक लोगों की मौत हुई। हृदय रोगों के बाद कैंसर मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भारतीय आबादी में भी कैंसर का खतरा और इसके कारण मौत के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण बीमारी का समय पर निदान न हो पाना है।



ज्यादातर लोगों में रोग का पता ही तब चल पाता है जब कैंसर आखिरी के चरणों में पहुंच चुका होता है, जहां से उपचार और जान बचने की संभावना काफी कठिन हो जाती है। विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर की रोकथाम और इसके कारण होने वाली मौतों को कम करने के लिए सबसे जरूरी है लोगों तक सही जानकारी उपलब्ध कराना।

इसी से संबंधित एक हालिया रिपोर्ट में चिंता जताई गई है कि भारत में कैंसर के बारे में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बहुत बड़े स्तर पर गलत सूचना का प्रसार होता है। इससे लोग गुमराह हो रहे हैं, जो घातक है। कहीं आप भी कैंसर को लेकर फैली भ्रामक जानकारियों और अफवाहों को सच तो नहीं मानते आ रहे हैं?

Challenges of Cancer Misinformation on Social Media know myths and facts about cancer
कैंसर से संबंधित गलत जानकारियां - फोटो : Adobe Stock

कैंसर को लेकर फैली हैं कई गलत जानकारियां

हेल्थ ऑफ इंडिया समिट के दौरान जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भारत में कैंसर के बारे में गलत सूचनाओं का प्रसार बहुत अधिक है। 'भारत में स्वास्थ्य संबंधी गलत सूचना के वाहक' शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि कैंसर संबंधी बीमारियों के लिए लोगों को विज्ञान और चिकित्सा पेशेवरों पर भरोसा करना चाहिए न कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित रही जानकारियों पर। हालांकि चिंताजनक बात ये है कि ज्यादातर लोग गूगल से सर्च करके बीमारियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, जो उन्हें गुमराह करता है।

विशेषज्ञों ने कहा कैंसर के उपचार में देरी और डॉक्टरों में अविश्वास के चलते लोगों की जान भी जा रही है। इसके अलावा कई बार वीडियो देखकर किए गए उपचार घातक साबित होते हैं। रिपोर्ट में भारत में फैल रही स्वास्थ्य संबंधी गलत सूचनाओं को रोकने और बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

आइए कैंसर को लेकर फैले ऐसे ही कुछ मिथ्स के बारे में जानते हैं।

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हाथ मिलाने से नहीं फैलता है कैंसर - फोटो : Freepik.com

मिथ: कैंसर के शिकार व्यक्ति के पास नहीं जाना चाहिए, इससे कैंसर फैल सकता है।

कैंसर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। यानी कि निकट संपर्क या संभोग, चुंबन, स्पर्श, भोजन साझा करना या एक ही घर में रहने से कैंसर को खतरा दूसरे लोगों में बढ़ता नहीं देखा गया है।  कैंसर एक व्यक्ति से दूसरे में तो नहीं फैलता है पर अगर शरीर में कहीं कैंसर हो जाए और इसका समय पर उपचार न किया जाए तो इसके पूरे शरीर में बढ़ने का खतरा जरूर हो सकता है।

कुछ वायरस जैसे कि एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) और हेपेटाइटिस बी/सी संक्रमण, कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं, इसको लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।

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कैंसर से बचाव - फोटो : Freepik.com

मिथ: कैंसर होने का मतलब है मौत, इसलिए इलाज पर पैसा खर्च करना बेकार

कैंसर निश्चित ही गंभीर और जानलेवा बीमारी है पर इससे जान बच सकती है। कैंसर का इलाज संभव है, खासकर अगर इसे शुरुआती चरण में पहचान लिया जाए। स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और त्वचा के कैंसर का इलाज सही समय पर करने से मरीज पूरी तरह ठीक भी हो सकता है। उन्नत चिकित्सा और तकनीकों ने कई कैंसर के प्रकारों का इलाज प्रभावी बना दिया है। हालांकि आखिरी के चरणों में इसका पता लगने से जान बचने की संभावना कम हो जाती है।

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युवाओं में कैंसर - फोटो : Freepik.com

मिथ: कैंसर केवल बुजुर्गों को होता है।

उम्र बढ़ने के साथ कैंसर का खतरा बढ़ता है, पर यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। बच्चों और युवाओं में भी ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) और बोन कैंसर जैसे कैंसर के प्रकार पाए जाते हैं।

कई रिपोर्ट्स बताते हैं कि 30 से कम उम्र की महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी तरह धूम्रपान और शराब की आदत के कारण युवा आबादी तेजी से फेफड़े और लिवर कैंसर का शिकार हो रही है।

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