हृदय रोग वैश्विक स्तर पर मृत्यु का प्रमुख कारण माने जाते रहे हैं। वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के अनुसार, साल 2021 में 20.5 मिलियन (दो करोड़ से अधिक) लोगों की मौत कार्डियोवैस्कुलर बीमारी (सीवीडी) के कारण हो गई, जो वैश्विक स्तर पर होने वाली सभी मौतों का लगभग एक तिहाई है। कुछ दशकों पहले तक इसे उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी माना जा रहा था हालांकि अब यह कम उम्र के लोगों में भी देखा जा रहा है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहने और हृदय को स्वस्थ रखने के लिए उपाय करने की सलाह देते हैं।
Heart Health: रोज इतने कदम चल लेते हैं तो 45% तक कम हो सकता है हृदय रोगों का खतरा, आज से ही करें शुरुआत
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार के सेवन के साथ शारीरिक रूप से सक्रिय रहना सबसे जरूरी है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि अगर हम सब रोजाना वॉक करने की आदत बना लें तो हृदय से संबंधित बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। ऐसे में सवाल है कि रोजाना कितने कदम चलना चाहिए?
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हृदय को स्वस्थ रखने के लिए करिए वॉक
इस सवाल का जवाब जानने के लिए विशेषज्ञों ने विस्तृत अध्ययन किया। जर्नल सर्कुलेशन में प्रकाशित निष्कर्ष में वैज्ञानिकों ने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को प्रतिदिन 6,000 से 9,000 कदम जरूर चलना चाहिए, इससे हृदय रोगों का जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 42 अन्य देशों के 20,152 व्यक्तियों के स्वास्थ्य डेटा का उपयोग करके विश्लेषण में पाया गया है कि नियमित वॉक करने की आदत आपके लिए बहुत लाभकारी हो सकती है। अगर कम उम्र से ही रोजाना वॉक करने की आदत बना ली जाए तो इससे न सिर्फ हार्ट को स्वस्थ रखा जा सकता है साथ ही ये शारीरिक निष्क्रियता के कारण होने वाली बीमारियों से भी आपको बचा सकती है।
अध्ययनों से क्या पता चला?
अध्ययनकर्ताओं ने बताया, वॉक करना संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। युवा लोगों को प्रतिदिन 10,000 कदम चलने का लक्ष्य बनाना चाहिए। ये उनके संपूर्ण फिटनेस को ठीक बनाए रखने में मददगार है। इस एक आदत से आप न सिर्फ हार्ट अटैक और हृदय की बीमारियों के खतरे को कम कर सकते हैं, साथ ही ये आपको कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों से बचाए रखने में भी सहायक है।
अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि जो लोग प्रतिदिन 6,000 से 9,000 कदम चलते हैं, उनमें हृदय रोग जैसे दिल का दौरा या स्ट्रोक का जोखिम 40 से 50% तक कम होता है। आप जितना ज्यादा वॉक करते हैं वह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए उतना ही लाभकारी है।
क्या कहती हैं अध्ययनकर्ता?
यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स में फिजिकल एक्टिविटी एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. अमांडा पालुच कहती हैं, विश्लेषण में पाया गया कि प्रतिदिन 15,000 कदम चलने वाले लोगों में सी.वी.डी. का जोखिम काफी कम देखा गया है। अगर आप 15000 कदम नहीं चल पाते हैं तो 10 हजार कदम चलकर भी स्वस्थ रह सकते हैं।
युवावस्था से ही अगर रोजाना वॉक करने की आदत बना ली जाए तो निश्चित ही ये भविष्य में आपको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से सुरक्षित रखने के लिए काफी है।
युवा लोग भी बरतें सावधानी
डॉ. पालुच कहती हैं कि सीवीडी को अब भी मुख्यरूप से वृद्ध लोगों की बीमारी माना जाता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि युवा वयस्कों को अपने हृदय स्वास्थ्य के बारे में ध्यान नहीं देना चाहिए। कोरोना महामारी के बाद से युवाओं में भी ये खतरा तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है।
वॉक करने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की आदत हृदय और इसके प्रमुख कारकों जैसे उच्च रक्तचाप, मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज से भी बचाने में भी मददगार है। सभी लोगों को रोजाना वॉक जरूर करना चाहिए।
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स्रोत और संदर्भ
Prospective Association of Daily Steps With Cardiovascular Disease: A Harmonized Meta-Analysis
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