कैंसर के मामले वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए बड़ा जोखिम रहे हैं, भारत के लिए भी ये बीमारी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। साल-दर-साल कैंसर के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य क्षेत्र पर न सिर्फ अतिरिक्त दबाव बढ़ाया है साथ ही इसके कारण मृत्युदर भी अधिक देखा जाता रहा है। अध्ययनों के आधार पर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जिस गति से भारत में कैंसर के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, ऐसे में आने वाले वर्षों में इसका दबाव और अधिक हो सकता है।
चेतावनी: भारत बनता जा रहा है कैंसर का गढ़, विशेषज्ञों ने बताया- 'CAUTIONUS' से कर सकते हैं रोग की समय पर पहचान
समय पर निदान न हो पाना चिंताजनक
कैंसर रोग विशेषज्ञ कहते हैं, अगर समय रहते किसी व्यक्ति में कैंसर का पता चल जाता है तो इसका उपचार और रोगी की जान बचने की संभावना अधिक हो जाती है। हालांकि सबसे बड़ी चिंता यही है कि देश में अधिकतर लोगों में इसका पता ही तब चल पाता है जब कैंसर कोशिकाएं बहुत अधिक बढ़ चुकी होती हैं। आखिरी के चरणों में इस रोग के निदान से उपचार और भी कठिन हो जाता है।
'CAUTIONUS' एक ऐसा फार्मूला है जिसकी मदद से कैंसर का समय रहते पता लगाने में मदद मिल सकती है।
क्या है 'CAUTIONUS' फार्मूला?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, 'CAUTIONUS' की मदद से कैंसर के लक्षणों की समय रहते पहचान में मदद मिल सकती है।
- C- Change (शौच या पेशाब में असामान्य बदलाव)
- A- (घाव ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगना)
- U- Unusual (शरीर के किसी भी हिस्से से असामान्य रक्तस्राव होना)
- T-Thickening (स्तन या शरीर के किसी हिस्से में गांठ होना)
- I- Indigestion (अपच या निगलने में कठिनाई)
- O- Obvious change (शरीर में मस्से या किसी प्रकार का धब्बे का बढ़ते जाना)
- N-Nagging cough (खांसी या आवाज बैठना, आवाज में बदलाव)
- U- Unexplained Anaemia (एनीमिया की समस्या जो ठीक न हो रही हो)
- S-Sudden weight loss (अचानक से वजन कम होना)
क्यों बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कैंसर के बढ़ते मामलों के लिए कई कारणों को जिम्मेदार माना जा सकता है। जीवनशैली की गड़बड़ आदतें कैंसर के खतरे को बढ़ाने में प्रमुख रही हैं। धूम्रपान और शराब के सेवन से महिलाओं-पुरुषों दोनों में कैंसर के खतरे को बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। धूम्रपान से फेफड़े और शराब के कारण लिवर और अग्नाशय कैंसर का जोखिम हो सकता है। इसके अलावा सूरज के अत्यधिक संपर्क में रहना या मोटापे को भी कैंसर के बढ़ते खतरे के लिए प्रमुख जोखिम कारकों में से माना जाता रहा है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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