कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य संगठन सभी लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील कर रहे हैं। इसी दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए भारत सराकर ने अब स्तनपान कराने वाली महिलाओं को टीकाकरण कराने की अनुमति दे दी है। इससे पहले शुरुआत में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कोरोना वायरस टीकाकरण कार्यक्रम से बाहर रखा गया था। सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों में कहा गया था कि चूंकि ऐसी महिलाओं पर टीके का परीक्षण नहीं हुआ है, ऐसे में वैक्सीन के बाद सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।
क्या वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ दिनों तक नहीं कराना चाहिए स्तनपान? जानिए विशेषज्ञों की राय
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लोगों में भ्रम का माहौल
स्तनपान कराने वाली महिलाओं को टीकाकरण की अनुमति मिलने के बाद से तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि वैक्सीन लेने के कुछ दिनों बाद तक महिलाओं को स्तनपान कराने से बचना चाहिए। टीकाकरण के बाद शरीर में पहुंचा एंटीजन नवजात के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
वैक्सीन के कारण न आए स्तनपान में व्यवधान
देश में टीकाकरण के बारे फैले मिथकों को दूर करते हुए केंद्र ने कहा कि कोरोना के टीके स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं। इसके अलावा टीके के कारण स्तनपान में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए। पिछले दिनों कई भ्रामक रिपोर्टें सामने आई हैं जिसमें कहा जा रहा है कि स्तनपान कराने वाली माताओं को वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ दिनों का गैप रखना चाहिए, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है।
नीति आयोग का सुझाव
इस संबंध में नीति आयोग (स्वास्थ्य) के सदस्य वीके पॉल ने प्रेस कांफ्रेस के माध्यम से बताया कि केंद्र सरकार ने ऐसी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की है जिसमें यह कहा गया हो कि किसी भी स्थिति में नवजात शिशु को स्तनपान से वंचित किया जाना चाहिए। किसी भी स्थिति में स्तनपान को एक घंटे के लिए भी नहीं रोकना चाहिए।
क्या स्तनपान से भी फैल सकता है संक्रमण
दुनिया भर में हुए कई अध्ययनों के आधार पर शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला है कि स्तनपान कराने वाली महिला के दूध से बच्चे को कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बिल्कुल नहीं होता है। हालांकि यदि मां, कोरोना से संक्रमित है तो स्तनपान के दौरान संक्रमित मां से बच्चे की निकटता संक्रमण को प्रसारित करने का संभावित कारण जरूर हो सकती है। ऐसी स्थिति में स्तनपान के दौरान मां को मास्क लगाने की सलाह दी जाती है।
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नोट: यह लेख स्तनपान कराने वाली महिलाओं को लेकर नीति आयोग के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।