कोरोना संक्रमण से बचने के लिए देश में तमाम तरह के उपायों को प्रयोग में लाया जा रहा है। कोई दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर रहा है तो कोई बार-बार गर्म पानी पी रहा है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी कई ऐसे नुस्खे और तथ्य वायरल हो रहे हैं, जिनके साथ दावा किया जा रहा है कि उन उपायों को प्रयोग करना आपको कोरोना संक्रमण से बिल्कुल सुरक्षित कर सकता है।
फैक्ट चेक: क्या गर्म पानी से नहाने से मर जाता है कोरोना वायरस? विशेषज्ञों से जानिए इसकी सच्चाई
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क्या है सोशल मीडिया पर वायरल उपाय
सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि गर्म पानी से नहाना और बार-बार गर्म पानी पीने से कोविड-19 संक्रमण का खतरा टल सकता है। वायरल सुझाव में कहा जा रहा है कि गर्म पानी के प्रभाव से कोरोना वायरस मर जाता है, इसलिए जब भी बाहर से घर में आएं तो गर्म पानी से जरूर नहा लें।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
इस वायरल सुझाव को लेकर केंद्र सरकार ने लोगों को सचेत किया है। केंद्र सरकार के ट्विटर हैंडल 'माई गवरमेंट इंडिया' के माध्यम से विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह के उपाय कोरोना वायरस को मारने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। गर्म पानी पीने या इससे नहाने से न ही कोरोना वायरस मरता है न ही इससे कोविड-19 बीमारी को ठीक किया जा सकता है। कोरोना वायरस को मारने के लिए लैब सेटिंग्स में 60-75 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है।
फिर क्या है गर्म पानी के फायदे?
अमर उजाला से बातचीत के दौरान दिल्ली एम्स की डॉ आयशी पाल कहती हैं कि लोगों को हल्का गुनगुना पानी पीना चाहिए। गले को साफ रखने के साथ पाचन को ठीक रखने में यह फायदेमंद माना जाता है। गुनगुने पानी के सेवन से गले में बने बलगम को हटाने में भी मदद मिल सकती है।
एम्स के डॉ. राजीव रंजन बताते हैं कि किसी भी चीज का ज्यादा सेवन करना हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। काढ़े के मामले में भी ऐसा ही है, इसका भी बहुत ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। प्राकृतिक चिकित्सा में माना जाता रहा है कि औषधियां हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने में सहायक होती हैं, इसी को देखते हुए कोरोना से बचने के लिए काढ़े के सेवन पर जोर दिया जा रहा है। एक दिन में एक कप से ज्यादा काढ़े का सेवन नहीं करना चाहिए।
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नोट: यह लेख केंद्र सरकार के एक फैक्ट चेक ट्वीट के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।