हड्डियों को मजबूत रखने की बात आती है तो सबसे पहले कैल्शियम का नाम याद आता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को रोजाना की अपनी डाइट ऐसी रखनी चाहिए जिससे आसानी से कैल्शियम की पूर्ति हो सके। स्वस्थ वयस्कों को रोजाना 1000 मिलीग्राम की मात्रा में कैल्शियम की जरूरत होती है, जिसे आहार के माध्यम से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि कई लोग हड्डियों को मजबूत बनाए रखने और कैल्शियम की जरूरतों को पूरा करने के लिए कैल्शियम की गोलियां लेना शुरू कर देते हैं।
हड्डियों की कमजोरी: क्या कैल्शियम की गोलियां खाने से कम हो जाता है ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा? जान लें हकीकत
Osteoporosis Causes: ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियों का घनत्व कम होने से फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। कैल्शियम की गोलियां सभी के लिए जरूरी नहीं होतीं। पर्याप्त कैल्शियम, विटामिन-डी, नियमित व्यायाम और सही समय पर जांच हड्डियों की सेहत को ठीक बनाए रखने में मदद करते हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा
आज वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे है। हड्डियों को मजबूत रखने और फ्रैक्चर की रोकथाम, समय पर पहचान तथा इलाज के प्रति दुनियाभर में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 20 अक्तूबर को ये खास दिन मनाया जाता है।
ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की ऐसी समस्या है, जिसमें हड्डियों का घनत्व और उनकी मजबूती कम हो जाती है। इससे मामूली गिरने या हल्की चोट लगने से भी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। इस बीमारी की शुरुआत में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते और कई बार इसका पता हड्डी टूटने के बाद चलता है।
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि बढ़ती उम्र, हार्मोन्स में बदलाव, पोषण की कमी और कुछ दवाएं इसके जोखिम को बढ़ा देती हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये रहता है कि क्या कैल्शियम की गोलियां ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम कर सकती हैं?
पहले जान लीजिए हड्डियों की समस्याएं और ऑस्टियोपोरोसिस क्यों होता है?
कई स्थितियां हैं जो आपकी हड्डियों को समय के साथ कमजोर बनाती जाती हैं।
- उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का घनत्व घटने लगता है। महिलाओं में मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने से हड्डियों का नुकसान तेजी से बढ़ सकता है। पुरुषों में भी उम्र और कुछ हार्मोन संबंधी समस्याओं के कारण जोखिम बढ़ता है।
- कैल्शियम हड्डियों के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि विटामिन-डी शरीर को कैल्शियम अवशोषित करने में मदद करता है। लंबे समय तक इन पोषक तत्वों की कमी से हड्डियों की मजबूती प्रभावित हो सकती है।
- लंबे समय तक बैठे रहना या व्यायाम न करना हड्डियों और मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है। इससे फ्रैक्चर और गिरने का जोखिम बढ़ सकता है।
- थायरॉइड, रूमेटॉइड आर्थराइटिस और भोजन से पोषक तत्वों के अवशोषण में समस्या जैसी स्थितियां भी हड्डियों को कमजोर कर सकती हैं। लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाएं लेने से भी ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है।
ऑस्टियोपोरोसिस से बचा सकती हैं कैल्शियम की गोलियां?
डॉक्टर बताते हैं, कैल्शियम सप्लीमेंट लेने की सलाह आमतौर पर उन लोगों को दी जाती है, जिन्हें भोजन से पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिल रहा होता है। लेकिन इन्हें लेने भर से ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव नहीं होता। हड्डियों को स्वस्थ रखने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचे रहने के लिए कम उम्र से ही लाइफस्टाइल और खान-पान में सुधार करना जरूरी है।
- विटामिन-डी, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम की कम उम्र से ही आदत बनाएं।
- हमेशा कोई भी सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए, खुद से गोलियां लेने से न्यूट्रिशन की अधिकता और इसके कारण होने वाली समस्याओं का खतरा हो सकता है।
- बढ़ता प्रदूषण भी आपकी हड्डियों को कमजोर कर देता है इससे हल्की सी ठोकर से भी फ्रैक्चर का खतरा हो सकता है। कैसे, जानने के लिए यहां क्लिक करें
ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए क्या करें?
कम उम्र से ही हड्डियों को मजबूत रखने वाले उपाय करते रहना सभी लोगों के लिए जरूरी है।
- डाइट में दूध-दही, पनीर, तिल और अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
- विटामिन डी के लिए रोज धूप में कुछ समय बिताएं।
- नियमित वॉकिंग और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम से हड्डियों को मजबूत रखा जा सकता है।
- धूम्रपान से बचें, ये हड्डियों के लिए बहुत नुकसानदायक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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