फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जानना जरूरी: क्या रोज देर रात तक जागने से भी हो सकता है हार्मोन्स में असंतुलन? क्या हो सकती हैं दिक्कतें

Tue, 20 Oct 2026 09:08 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 20 Oct 2026 09:08 PM IST
सार

Sleep And Hormonal Balance: देर रात तक जागने से सेहत पर असर पड़ सकता है । इससे मेलाटोनिन, इंसुलिन और भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं। नियमित सोने-जागने का समय और पर्याप्त नींद बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं।

विज्ञापन
How Sleep Deprivation Impacts Hormonal Balance Healthy Sleep Habits
नींद में देरी की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI

आजकल देर रात तक मोबाइल चलाना, लैपटॉप पर काम करना, वेब सीरीज देखना या सोशल मीडिया स्क्रॉल करना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। रात में देर तक जागते रहने से सोने और सुबह उठने का समय भी आगे बढ़ जाता है।



वैसे तो लोगों को ये आदत सामान्य लग सकती है, लेकिन अगर इससे नींद लगातार कम हो रही है या सोने-जागने का समय शरीर की प्राकृतिक घड़ी यानी सर्केडियन रिदम से मेल नहीं खाता, तो इसका सेहत पर असर पड़ सकता है। हमारा शरीर एक जैविक घड़ी यानी सर्केडियन रिदम के अनुसार काम करता है, जो नींद-जागने के चक्र के साथ कई हार्मोन के स्राव को भी नियंत्रित करती है।

मेलाटोनिन, कोर्टिसोल, इंसुलिन और भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन इससे प्रभावित हो सकते हैं। क्या आप जानते हैं कि भले ही आपको अभी एहसास न हो पर रोजाना देर रात तक जागने से शरीर का पूरा हार्मोनल बैलेंस गड़बड़ हो सकता है?

Trending Videos
How Sleep Deprivation Impacts Hormonal Balance Healthy Sleep Habits
देर तक जागने से क्या दिक्कतें होती हैं? - फोटो : Freepik.com

देर से सोना क्यों नुकसानदायक है?

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए अच्छी नींद बहुत जरूरी है। अगर आप रात में देर से सोते हैं तो इससे नींद की अवधि प्रभावित हो सकती है जिसका संपूर्ण स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है।
 

  • हालांकि अगर आप देर से सोते है, लेकिन नियमित रूप से पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद ले रहे हैं, तो केवल सोने का समय ही पूरी समस्या नहीं है।
  • जोखिम तब बढ़ जाता है जब नींद कम हो, सोने का समय रोज बदलता रहे या रात की शिफ्ट के कारण सर्केडियन रिदम बिगड़ने लगे।
  • समय के साथ ये स्थितियां हार्मोन असंतुलन का कारण बन सकती हैं।
How Sleep Deprivation Impacts Hormonal Balance Healthy Sleep Habits
हार्मोन्स की समस्याएं - फोटो : Freepik.com

देर रात तक जागने से होने वाली हार्मोनल समस्याएं

अगर आप रात में देर तक जागते हैं तो इससे शरीर में कई तरह की हार्मोनल समस्याएं हो सकती है।
 

  • मेलाटोनिन हार्मोन अच्छी नींद के लिए जरूरी है। रात में तेज रोशनी और मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन का इस्तेमाल मेलाटोनिन के सामान्य स्राव को प्रभावित कर सकता है जिससे नींद प्रभावित हो सकती है।
  • इसका कोर्टिसोल हार्मोन पर भी असर हो सकता है। यह हार्मोन शरीर की जागने की प्रक्रिया, तनाव प्रतिक्रिया और ऊर्जा के इस्तेमाल के लिए जरूरी है। अनियमित नींद और शरीर की जैविक घड़ी में गड़बड़ी इस लय को प्रभावित कर सकती है।
  • इंसुलिन खून में ग्लूकोज यानी ब्लड शुगर को नियंत्रित करती है। लगातार नींद की कमी या गुणवत्ता की समस्या भी शरीर की इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता घटा सकती है। इससे डायबिटीज का खतरा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
How Sleep Deprivation Impacts Hormonal Balance Healthy Sleep Habits
नींद पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि नींद की कमी या देर तक जागने से  भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन भी प्रभावित हो सकते हैं। नींद की कमी से भूख बढ़ाने वाले घ्रेलिन और पेट भरा होने का संकेत देने वाले लेप्टिन के संतुलन में गड़बड़ी हो सकती है। इससे अधिक खाने और वजन बढ़ने का जोखिम बढ़ सकता है। 

नींद और हार्मोन संतुलन के लिए सभी वयस्कों को रोजाना हर रात 7-9 घंटे की नींद लेना जरूरी है।
 

  • सोने और जागने का समय नियमित रखें।
  • सोने से पहले मोबाइल और तेज रोशनी का इस्तेमाल कम करें।
  • शाम के समय कैफीन का सेवन कम करें।
  • दिन में नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करें और सोने का वातावरण शांत रखें।
  • अगर पर्याप्त नींद लेने के बावजूद लगातार थकान, दिन में अत्यधिक नींद या तेज खर्राटों की समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed