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Study: आपको उम्र से 10 साल बूढ़ा बना रही है लॉन्ग कोविड की ये दिक्कत, सोचने-याददाश्त क्षमता पर सबसे ज्यादा असर

Mon, 24 Jul 2023 11:41 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 24 Jul 2023 11:41 AM IST
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brain fog symptom in long Covid is equivalent to ageing 10 years, know long term side effects after covid
लॉन्ग कोविड के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : getty images

कोरोना संक्रमण पिछले तीन साल से अधिक समय से वैश्विक स्वास्थ्य जोखिम रहा है। भले ही इन दिनों संक्रमण के मामले कम रिपोर्ट किए जा रहे हैं पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके जोखिमों को लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की सलाह देते हैं। कोरोना संक्रमण के साथ लॉन्ग कोविड भी एक बड़ा खतरा रहा है, जिसका जोखिम लोगों में ठीक हो जाने के एक साल बाद तक भी बना हुआ देखा जा रहा है।



अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि लॉन्ग कोविड के कई दुष्प्रभाव गंभीर और दीर्घकालिक भी हो सकते हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की जरूरत है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि लॉन्ग कोविड की समस्या में जिन लोगों को ब्रेन फॉग की दिक्कत रही है उनमें इसके गंभीर दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं। ब्रेन फॉग की समस्या आपके उम्र को 10 साल तक बढ़ाने जैसे प्रभावों वाली हो सकती है। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों को तीन माह से अधिक समय तक लॉन्ग कोविड के कारण यह दिक्कत रही है, उनमें इसके गंभीर दुष्प्रभावों का जोखिम सबसे अधिक देखा जा रहा है। 

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लॉन्ग कोविड और ब्रेन फॉग की समस्या - फोटो : Pixabay

लॉन्ग कोविड और ब्रेन फॉग की समस्या

द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित शोध में वैज्ञानिकों ने लॉन्ग कोविड और ब्रेन फॉग की समस्या को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। किंग्स कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में समझने की कोशिश की है कि कोविड-19 किस प्रकार से हमारी मस्तिष्क की क्षमता को प्रभावित करता है? इसमें पाया गया कि संज्ञानात्मक क्षमता में हानि की समस्या उन व्यक्तियों में सबसे अधिक थी जिनमें तीन महीने से अधिक समय तक लॉन्ग कोविड में ब्रेन फॉग की दिक्कत रही है। 

अपने पहले संक्रमण के दो साल बाद तक भी कुछ लोग पूरी तरह से ठीक महसूस नहीं कर रहे हैं, कोरोनावायरस के दीर्घकालिक दुष्प्रभाव उनके जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। 

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कोविड-19 का मस्तिष्क की सेहत पर असर - फोटो : istock

अध्ययन में क्या पता चला?

इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने कोविड के लक्षणों वाले 5,100 से अधिक प्रतिभागियों को शामिल किया गया और स्मार्टफोन ऐप के माध्यम से उनकी संज्ञानात्मक समस्या को समझने का प्रयास किया। शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों में 2021 और 2022 के बीच स्मृति, ध्यान, तर्क और मोटर नियंत्रण जैसे शक्ति की जांच की। जुलाई और अगस्त 2021 के दौरान 3,335 प्रतिभागियों के समूह में शोधकर्ताओं ने कोविड पॉजिटिव लोगों में संज्ञानात्मक स्कोर कम पाया। 

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लॉन्ग कोविड के मस्तिष्क पर दुष्प्रभाव - फोटो : iStock

संज्ञानात्मक क्षमता को प्रभावित कर रहा है लॉन्ग कोविड

वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि लॉन्ग कोविड के शिकार रहे लोगों में जो स्वास्थ्य समस्याएं देखी जा रही है, यह उसी प्रकार की है जैसे उनकी उम्र 10 साल और अधिक हो। प्रतिभागियों की वृद्धि और मनोवैज्ञानिक क्षमताओं पर भी कोरोना के दुष्प्रभाव देखे गए हैं। अध्ययन के मुख्य लेखक डॉ. नाथन चीथम कहते हैं, अध्ययन में उन व्यक्तियों में कोई भी संज्ञानात्मक हानि या मस्तिष्क से संबंधित समस्या नहीं देखी है जो कोविड के बिल्कुल ठीक हो चुके हैं या जिनमें लॉन्ग कोविड की दिक्कत नहीं थी। 

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लॉन्ग कोविड के लक्षणों पर दें ध्यान - फोटो : Pixabay

क्या है अध्ययन का निष्कर्ष?

अध्ययन के निष्कर्ष में शोध प्रमुख डॉ नाथन चीथम  बताते हैं,  यह अध्ययन उन लोगों की निगरानी करने की आवश्यकता को दर्शाता है जिनमें कोविड-19 के बाद मस्तिष्क का कार्य सबसे अधिक प्रभावित रहा है। लॉन्ग कोविड ने कई प्रकार से हमारी सेहत को प्रभावित किया है, फेफड़े-हृदय रोगों के साथ लोगों में मस्तिष्क स्वास्थ्य की समस्याओं का जोखिम सबसे अधिक देखा जा रहा है जिसको लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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