शरीर के सभी अंगों को बेहतर ढंग से काम करते रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन युक्त रक्त की निरंतर आवश्यकता होती है। शरीर का मैकेनिज्म ऐसा है जिससे सिर से लेकर पैरों तक छोटी से छोटी कोशिकाओं में निरंतर रक्त का प्रवाह बना रहता है। रक्त में मौजूद पोषक तत्व और ऑक्सीजन की मात्रा अंगों और ऊतकों को स्वस्थ रखने और कई प्रकार की बीमारियों के जोखिम को कम करने में विशेष भूमिका निभाती हैं।
सेहत की बात: चेहरे पर ऐसे संकेतों का मतलब गड़बड़ हो रहा है शरीर में ब्लड सर्कुलेशन, तुरंत दें ध्यान वरना बढ़ सकती है परेशानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रक्त परिसंचरण में गड़बड़ी के कारण होने वाली दिक्कतें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, आपके शरीर के जिन हिस्सों में रक्त का परिसंचरण गड़बड़ होता है उनमें दर्द, सुन्नता, झुनझुनी या ठंडा महसूस होता रह सकता है। पैरों, हाथों, उंगलियों में इससे संबंधित समस्याएं अधिक देखी जाती हैं। समय रहते इन समस्याओं पर अगर ध्यान न दिया जाए तो इससे अंगों के ऊतक खराब होने लगते हैं, जिससे त्वचा का रंग काला पड़ने और संक्रमण विकसित होने का जोखिम हो सकता है। यही कारण है कि सभी लोगों को इससे संबंधित लक्षणों पर ध्यान देते रहने का सलाह दी जाती है।
चेहरे पर दिखने वाले ऐसे संकेतों को लेकर रहें सावधान
ब्लड सर्कुलेशन की समस्या के संकेत आप आसानी से अपने चेहरे पर महसूस कर सकते हैं। सामान्यतौर पर ऐसी स्थिति में चेहरे की रंगत खराब होने लगती है। चेहरे पर काले दाग दिखना, बार-बार मुंहासे होना, समय से पहले झुर्रियां दिखाई देना इसका सामान्य संकेत माना जाता है। ऐसे लक्षण कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं, ऐसे में समय रहते चिकित्सक से संपर्क करके स्थिति का सही निदान और उपचार करा लेना काफी आवश्यक हो जाता है।
इन लक्षणों को लेकर भी रहें सर्तक
चेहरे के साथ-साथ शरीर के अन्य अंगों पर भी खराब रक्त परिसंचरण के लक्षण आसानी से देखे जा सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक चूंकि रक्त परिसंचरण में गड़बड़ी की समस्या किसी भी आयु वाले लोगों को हो सकती है, ऐसे में सभी लोगों को इसपर विशेष ध्यान देते रहना चाहिए। ऐसे लक्षणों को बिल्कुल अनदेखा न करें।
- चलते समय मांसपेशियों में चोट जैसा दर्द या कमजोरी महसूस होना।
- त्वचा पर पिन और सुई के चुभन जैसा एहसास होना।
- त्वचा का रंग पीला या नीला पड़ जाना ।
- हाथ या पैर की उंगलियां का ठंडा पड़ जाना, सुन्न होना।
- छाती में दर्द।
- शरीर में सूजन बना रहना।
- नसों में उभार बने रहना।
रक्त परिसंचरण की समस्या को कैसे ठीक किया जाता है?
ब्लड सर्कुलेशन की समस्या शरीर के किस अंग में है और कितनी गंभीर है इस आधार पर उपचार प्रक्रिया को प्रयोग में लाया जाता है। डॉक्टर सामान्यतौर पर दवा या जरूरत पड़ने पर सर्जरी कराने की सलाह दे सकते हैं। छाती में अवरुद्ध धमनियां खोलने के लिए सर्जरी (एंजियोप्लास्टी) की जरूरत हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक नियमित व्यायाम, स्वस्थ आहार की आदत के साथ, धूम्रपान से पहरेज करके और वजन कम रखकर ब्लड सर्कुलेशन की समस्याओं स बचाव किया जा सकता है।
---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।