तमाम अध्ययनों से स्पष्ट होता है कि हम जिस तरह का भोजन करता हैं, उसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। यही कारण है कि शरीर को स्वस्थ और रोगमुक्त रखने के लिए विटामिन और खनिजों से भरपूर चीजों का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हृदय, फेफड़े और पेट का ख्याल रखने के लिए वैसे तो हम कई सारे उपाय करते हैं लेकिन इन सबके बीच कुछ अंगों का ध्यान रखना भूल जाते हैं, कान ऐसा ही एक अंग है। इयर नोज थ्रोट (ईएनटी) विशेषज्ञों के मुताबिक उम्र के साथ कम सुनाई देने और कान की अन्य बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए उन खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करना चाहिए जो इस खास अंग को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकें।
आज का हेल्थ टिप्स: कान को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी हैं यह पोषक तत्व, ऐसे कर सकते हैं आसानी से पूर्ति
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मैगनीशियम युक्त आहार
मैग्नीशियम, तंत्रिका कार्य को बेहतर बनाए रखने के साथ, तेज आवाज के संपर्क में आने पर कान की कोशिकाओं को क्षति पहुंचने से बचाते हैं। मैग्नीशियम रक्त प्रवाह में सुधार करने में भी मदद कर सकता है, जबकि इसकी कमी से ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। कानों को स्वस्थ रखने और कम सुनाई देने की समस्या (विशेष रूप से शोर-प्रेरित) से बचाव के लिए मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करें। इसमें डार्क चॉकलेट, कद्दू के बीज, अलसी के बीज, नट्स (विशेषकर ब्राजील नट्स, काजू और बादाम), साबुत अनाज, एवोकाडो, फलियां, पालक और केला जैसी चीजें सहायक हो सकती हैं।
पोटैशियम
ऐसा माना जाता है कि आंतरिक कान में तरल पदार्थ की कमी के कारण सुनाई देने से संबंधित समस्या हो सकती है, पोटेशियम शरीर में तरल पदार्थ को नियंत्रित करने के साथ इस समस्या से सुरक्षा देने में सहायक माना जाता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में पोटेशियम के स्तर में गिरावट आने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए सुनिश्चित करें कि आप अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। इसके लिए खीरा, मशरूम, शकरकंद, आलू, अंडे, केला, खुबानी, खरबूजा, संतरा, मटर, पालक, नारियल, तरबूज जैसी चीजें सहायक हो सकती हैं।
फोलेट
रक्त का सही परिसंचरण कानों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और फोलेट शरीर में परिसंचरण को बढ़ाने में मदद कर सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि आहार में पर्याप्त मात्रा में फोलेट युक्त चीजों को शामिल करने से कानों की समस्या को कम किया जा सकता है। ब्रसेल्स स्प्राउट्स, पालक, ब्रोकली, मटर, छोले, साबुत अनाज, नींबू, खरबूजे, केले, अंडे, मूंगफली और सूरजमुखी के बीज को फोलेट का अच्छा स्रोत माना जाता है।
जिंक
कोशिकाओं की वृद्धि में मदद करने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में जिंक का सेवन फायदेमंद होता है। कानों को संक्रमण से सुरक्षित रखने में जिंक का सेवन करना लाभदायक हो सकता है। पर्याप्त मात्रा में जिंक का सेवन करने से टिनिटस और प्रेस्बीक्यूसिस होने की आशंक कम हो जाती है। डार्क चॉकलेट, दलिया, दही, बीन्स, दाल, मूंगफली, काजू, झींगा मछली, मशरूम, पालक, लहसुन को जिंक का अच्छा स्रोत माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।