आहार में गड़बड़ी के कारण पिछले एक दशक में लोगों में कई तरह की गंभीर समस्याओं के विकसित होने के मामले सामने आए हैं। आहार की यह समस्या सिर्फ वजन बढ़ने ही नहीं, शरीर में विषाक्तता का भी कारण बनती जा रही है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को पौष्टिक चीजों के अधिक से अधिक सेवन पर जोर देने की बात करते हैं, ताकि इस तरह की कई समस्याओं से सुरक्षित रहा जा सके। शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए स्वस्थ आहार के सेवन के साथ-साथ खूब सारा पानी पीने की सलाह भी दी जाती है।
आज का हेल्थ टिप्स: शरीर से विषाक्तता दूर करने के साथ वजन घटाने में सहायक हैं ये तीन पेय, आप भी कीजिए सेवन
दालचीनी-शहद का पेय
कई अध्ययनों से पता चलता है कि दालचीनी और शहद से बना पेय आपकी सेहत के लिए विशेष लाभदायक हो सकता है। दालचीनी एंटी वायरल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से युक्त होती है, वहीं शहद एंटीऑक्सीडेंट का पावरहाउस माना जाता है। दालचीनी-शहद के गुनगुने पेय का सेवन करके कई तरह के लाभ पाए जा सकते हैं। यह पेय हृदय रोग के जोखिम को कम करने के साथ, त्वचा के संक्रमण, वजन घटाने और शरीर के सूजन को भी कम करने में सहायक माना जाता है।
खीरा और पुदीना से तैयार पेय
खीरा और पुदीना से बना ड्रिंक भी शरीर के लिए कई तरह से लाभदायक हो सकता है। खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखने में बेहद कारगर माना जाता है। इस ड्रिंक को बनाने के लिए पानी में खीरे के कुछ स्लाइस और बारीक कटे हुए पुदीने के पत्ते मिला सकते हैं। इस डिटॉक्स वॉटर का रोजाना सेवन किया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक खीरा-पुदीना से बना पेय वजन घटाने में सहायक होने के साथ रक्तचाप को कम करने और शरीर से विषाक्तता को कम करने में मददगार है।
नींबू-अदरक का डिटॉक्स ड्रिंक
शरीर के डिटॉक्सानेशन के साथ वजन कम करने में नींबू और अदरक का पेय भी फायदेमंद माना जाता है। नींबू-अदरक का डिटॉक्स ड्रिंक तैयार करने के लिए एक गिलास गुनगुने पानी में आधे नींबू का रस और 2 इंच कद्दूकस किया हुआ अदरक मिलाएं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि सामान्य मात्रा में इस पानी का नियमित सेवन शरीर से विषाक्त पदार्थों को प्रभावी ढंग से बाहर निकालने में सहायक है। अध्ययनों के अनुसार, अदरक भूख को कम करता है और नींबू विटामिन-सी और एंटीऑक्सिडेंट का एक समृद्ध स्रोत है, ऐसे में यह वजन कम करने में भी सहायक है। इम्युनिटी को बूस्ट करने में भी इसके लाभ हो सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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