दुनियाभर में कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट इस वक्त लोगों के लिए बड़ी समस्या का कारण बना हुआ है। देश में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामले तीसरी लहर का कारण बन रहे हैं। भारत में बुधवार को 2.47 लाख से ज्यादा कोविड-19 के नए मामले दर्ज किए गए, जोकि मई 2020 के बाद सबसे अधिक है। कोरोना के इस तरह से तेजी से बढ़ते संक्रमण के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं और सभी लोगों को लगातार सावधानी बरतते रहने की अपील कर रहे हैं। ओमिक्रॉन से पहले, भारत पिछले साल डेल्टा वेरिएंट के कारण दूसरी और बेहद खतरनाक लहर झेल चुका है।
बड़ा सवाल: क्या ओमिक्रॉन के जाते ही खत्म हो जाएगी कोरोना महामारी? वैज्ञानिकों ने दिए राहत भरे संकेत, जानिए विस्तार से
कम होता जाएगा कोरोना का असर
इंग्लैंड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर इयान जोन्स कहते हैं, हम उम्मीद कर सकते हैं कि कोरोना महामारी संभवत: अब अपने आखिरी चरणों में है। फ्लू जैसे तमाम संक्रमणों की ही तरह कोरोना भी समय के साथ हल्का होता जाएगा। जैसा कि ओमिक्रॉन के मामले में अध्ययनों से पता चलता है कि यह स्वस्थ और फिट लोगों के लिए ज्यादा समस्या पैदा नहीं करता है, खतरा उन लोगों के लिए ज्यादा है जोकि पहले से ही कमजोर इम्युनिटी के शिकार है। वायरस की अब तक ऐसी ही प्रवृत्ति देखी जाती रही है, उसके लक्षण हर लहर के साथ कम होते जाते हैं।
लोगों में विकसित हो रही है मजबूत प्राकृतिक प्रतिरक्षा
प्रोफेसर इयान जोन्स कहते हैं, जैसा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट में देखा जा रहा है कि इसके कारण संक्रमितों में हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह लोगों की संक्रमण से लड़ने की प्रतिरक्षा को बढ़ा सकती है। यदि आप किसी वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, तो शरीर में निश्चित स्तर की प्रतिरक्षा विकसित हो जाती है, जो अगले संक्रमण के समय में रोग की गंभीरता को कम कर देती है। डेल्टा संक्रमण के समय लोगों में गंभीर लक्षण देखे गए, वहीं अब ओमिक्रॉन के लक्षण भी समय के साथ हल्के हो गए हैं, उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में कोरोना के लक्षण और भी हल्के होते जाएंगे और फ्लू की ही तरह कोरोना वायरस भी सामान्य और कम प्रभाव वाला हो जाएगा।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
ओमिक्रॉन की प्रकृति को लेकर अब भी वैज्ञानिक बहुत सारी बातों से अंजान हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वेरिएंट को रोक पाना मुश्किल लगता है, यह दुनियभार में बड़ी आबादी में संक्रमण का कारण बन सकता है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ मोनिका गांधी का मानना है जिस तरह से रुख हैं, ऐसे में लगता है कि महामारी जल्द ही खत्म होने की तरफ बढ़ रही है। वायरस जरूर हमेशा हमारे साथ रहने वाला है, लेकिन आशा है कि यह वेरिएंट लोगों में इतनी प्रतिरक्षा विकसित कर देगा जिससे आने वाले वर्षों में संक्रमण का असर बेहद निम्न हो जाएगा।
वायरल संक्रमण का ऐसा ही रहा है पैटर्न
विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट बड़ी आबादी को प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रदान कर सकता है जो भविष्य में वायरस के अन्य वैरिएंट्स को बेअसर करने में मदद करेगी। पहले भी कई तरह के वायरल संक्रमणों में यही पैटर्न रहा है। फिलहाल हम सभी को मिलकर कोरोना के इस खतरे से मुकाबला करने की आवश्यकता है जिससे आने वाले वर्षों के लिए हम अच्छी उम्मीद कर सकें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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