शरीर को निरोगी रखने के लिए आहार और दिनचर्या दोनों को ठीक रखना बहुत आवश्यक है। इसके लिए भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों-साग, विटामिन्स और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने की सलाह दी जाती है। पर सिर्फ इतना ही पर्याप्त नहीं है, क्योंकि कई अध्ययनों में पाया गया है कि हम खाने के लिए किस तेल का इस्तेमाल करते हैं इसका भी सेहत पर सीधा असर होता है। क्या आप जिस तेल का सेवन करते हैं वो फायदेमंद है?
Cooking Oil: खाने के लिए जानिए कौन सा तेल फायदेमंद और कौन सा नुकसानदायक? ये गलती तो बिल्कुल न करें
तेलों का सही चयन क्यों जरूरी है?
खाने के लिए स्वस्थ तेल का चयन जरूरी है, क्योंकि ये आपको कई प्रकार की बीमारियों से सुरक्षित रखने में मददगार हो सकता है।
जब खाना पकाने के तेल को गर्म किया जाता है, तो एक समय पर वे स्मोक पॉइंट पर पहुंच जाते हैं। ये वह तापमान है जिस पर तेल का ब्रेक डाउन होने लग जाता है। इस स्थिति में इसका ऑक्सीकरण शुरू हो जाता है और फ्री रेडिकल्स रिलीज होते हैं। इसके कारण सेलुलर डैमेज होने और कई प्रकार की गंभीर और क्रोनिक बीमारियों के विकसित होने का खतरा हो सकता है। इसके अलावा, स्मोक पॉइंट पर पहुंचने पर तेल एक्रोलिन नामक पदार्थ छोड़ते हैं। एक्रोलिन आपके फेफड़ों के लिए खतरनाक हो सकता है।
कौन सा तेल सेहत के लिए फायदेमंद?
कई अध्ययनों में पाया गया है कि खाने के लिए ऑलिव ऑयल को प्रयोग में लाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
ऑलिव ऑयल विटामिन-ई से भरपूर होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है और कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों से बचाने में सहायक है। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैट भी पाया जाता है जिसे ओलिक एसिड कहा जाता है। अध्ययनों से पता चला है कि ओलिक एसिड में एंटी-कैंसर और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण पाए जाते हैं।
अध्ययनों से पता चला है कि एवोकाडो ऑयल भी सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है। इसमें मौजूद यौगिक मेटाबॉलिज्म संबंधी बीमारियों को रोकने और लिवर डैमेज के खतरे को कम करने में फायदेमंद है।
इन तेलों से बना लें दूरी
कुछ प्रकार के तेलों को सेहत के लिए नुकसानदायक प्रभावों वाला पाया गया है। अत्यधिक रिफाइन ऑयल को तैयार करने की प्रक्रिया उनके एंटीऑक्सीडेंट और अन्य लाभकारी प्रभावों को कम कर देती है। इस वजह से रिफाइन ऑयल्स का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा उन तेलों से भी बचना चाहिए जिनका स्मोकिंग प्वाइंट काफी कम होता है जैसे फ्लैक्स सीड ऑयल। इन्हें गर्म करने से फ्री रेडिकल्स रिलीज होने का जोखिम अधिक हो सकता है।
इस तरह की गलती से बचें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तेलों के इस्तेमाल को लेकर इस बात का भी ध्यान रखें कि एक ही तेल का बार-बार इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इस्तेमाल किए गए बचे तेल में ट्रांस फैट का अनुपात बढ़ जाता है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। तेल को दोबारा गर्म करने पर शरीर में एलडीएल (बैड कोलेस्ट्रॉल) का स्तर बढ़ने का खतरा रहता है जिससे स्ट्रोक या सीने में दर्द होने का जोखिम हो सकता है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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