शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योग-व्यायाम की सलाह दी जाती है। व्यायाम, शारीरिक निष्क्रियता को दूर करने, रक्त के संचार को बढ़ाने, मांसपेशियों-तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने और शरीर को अलर्ट रखने में मदद करते हैं। नियमित व्यायाम की आदत आपको कई तरह की गंभीर बीमारियों के खतरे से भी बचाने में मदद कर सकती है। हालांकि समय के अभाव और अधिक काम के कारण लोगों के लिए रोजाना व्यायाम के लिए समय निकाल पाना थोड़ा कठिन हो जाता है। अगर आपकी भी यही समस्या है तो अब परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, विशेषज्ञों ने एक ऐसे साधारण से अभ्यास के बारे में बताया है जो आपको शारीरिक-मानसिक दोनों तरह से फिट रखने में काफी मददगार हो सकती है।
विशेषज्ञों की सलाह: यह एक साधारण सा अभ्यास संपूर्ण फिटनेस की है गारंटी, हर उम्र के लोगों के लिए जरूरी
रोजाना कितनी देर करना चाहिए वॉक?
वर्तमान परिदृश्य काफी हद तक तकनीकी से घिरी हुई है, ऐसे में आप स्मार्ट वॉच या स्मार्ट फोन में अपने फिटनेस की जरूरतों के हिसाब से टाइम सेट करके इसे ट्रैक कर सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन पांच हजार कदम चलने का लक्ष्य बनाना चाहिए। हालांकि यह डेटा आपकी स्वास्थ्य पर निर्भर करता है, जिन लोगों को गठिया या अन्य समस्याएं है उनके लिए इतना चलना कठिन हो सकता है।
वॉक करने से शारीरिक लाभ
अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि नियमित वॉकिंग की आदत आपके शारीरिक स्वास्थ्य में काफी सुधार कर सकती है। इसके लिए तेज-तेज चलने की आदत डालें। वजन को नियंत्रित बनाए रखने से लेकर शरीर की चर्बी कम करने, हृदय रोग, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप, कैंसर और टाइप-2 डायबिटीज सहित विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों की रोकथाम में इस अभ्यास से आपको लाभ मिल सकता है। सिर्फ वॉक करने से ही शरीर की सभी बड़ी मांसपेशियों के समूह का अभ्यास हो जाता है। यह बेहतर ऊर्जा स्तर बनाए रखने में भी आपके लिए काफी मददगार है।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद
व्यायाम के लाभ केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं हैं, इसका मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव देखा जा सकता है। वॉक करने की आदत तनाव का स्तर कम करने, मनोदशा में सुधार, अनुभूति, स्मृति और नींद की गुणवत्ता को बेहतर करने के साथ सोचने की क्षमता को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग नियमित रूप से पार्क में वॉक करते हैं उनमें अवसाद का खतरा कम होता है।
स्वभाव में होता है सुधार
वॉक करने के दौरान आप लोगों से मिलते हैं। दोस्तों के समूह, बच्चों और पड़ोसियों के साथ आपके संबंध मधुर होते हैं। सामाजिक संपर्क बढ़ने को स्वस्थ मानसिकता के लिए आवश्यक माना जाता है। लोगों से मिलना, अपने सुख-दुख बांटना, बातें करना इंसान के स्वभाव में सुधार करने के लिए जरूरी है। इन आदतों का मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर होता है। जो लोग अपने आप में खोए रहते हैं उनमें तनाव-चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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