जीवनशैली में गड़बड़ी के कारण कई प्रकार की समस्याओं के विकसित होने का खतरा रहता है, हड्डियों की बढ़ती समस्याओं के लिए भी इसे एक कारक के तौर पर देखा जा रहा है। हड्डियों का स्वस्थ रहना शरीर की संरचना और संतुलन को बेहतर बनाए रखने के लिए जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हड्डियों की समस्या को सिर्फ उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दिक्कत नहीं रही है, कम उम्र के लोग भी इसके शिकार होते जा रहे हैं।
Health Tips: ये दो आदतें आपकी हड्डियों को कर देंगी खोखला, घेर लेगी गठिया की बीमारी
- लाइफस्टाइल की गड़बड़ी को हड्डियों की समस्याओं को बढ़ाने वाला माना जाता है, कुछ गड़बड़ आदतें आर्थराइटिस के जोखिम को बढ़ाने वाली हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को हड्डियों को स्वस्थ रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।
हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के तरीके
डॉक्टर कहते हैं, सभी आयु वाले लोगों को हड्डियों को स्वस्थ रखने वाले उपाय करते रहने चाहिए। इसके लिए जीवनशैली और आहार को स्वस्थ रखना बहुत आवश्यक है। आहार में हरी सब्जियों को शामिल करें और नियमित रूप से योग-व्यायाम की आदत बनाएं। भोजन में कैल्शियम और विटामिन-डी से भरपूर चीजें अवश्य हों। हड्डियों की बीमारियों से बचाव के लिए शराब-धूम्रपान से बिल्कुल दूरी बनाकर रखें।
शारीरिक निष्क्रियता बढ़ा सकती है जोखिम
शारीरिक निष्क्रियता के कारण शरीर में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। हड्डियों को कमजोर करने में शारीरिक निष्क्रियता की बड़ी भूमिका मानी जाती है। सेडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण कम उम्र में ही गठिया की दिक्कत हो सकती है। हड्डियों की समस्याओं को कम करने के लिए सूर्य के प्रकाश में भी रोजाना कुछ समय बिताने की आदत जरूर बनाएं।
धूम्रपान के हो सकते हैं गंभीर दुष्प्रभाव
धूम्रपान की आदत न सिर्फ फेफड़ों के लिए समस्याकारक है, साथ ही यह हड्डियों की कमजोरी का भी कारण बन सकती है। शोध के अनुसार, धूम्रपान करने वाली महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है जिससे समय पहले रजोनिवृत्ति हो सकती है। यहऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को भी बढ़ाने वाली स्थिति मानी जाती है। धूम्रपान के कारण हड्डियों का घनत्व भी कम होने लग जाता है। धूम्रपान संपूर्ण शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक आदत मानी जाती है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।