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रिसर्चः कहीं आपका बच्चा मोबाइल पर हर रोज इतने घंटे तो नहीं बिता रहा, हो जाएं सावधान

Mon, 04 Mar 2019 10:04 AM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत राय Updated Mon, 04 Mar 2019 10:04 AM IST
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bad effect of mobile phone on kids
social media

सोशल मीडिया से दिन प्रतिदिन लोग जुड़ते जा रहे हैं।। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखने को मिल रहा है। आजकल बच्चे अपना ज्यादा समय मोबाइल पर बीता रहे हैं। इस दौरान वो सोशल मीडिया के साथ-साथ गेम खेलते रहते हैं। माता-पिता भी बच्चे को व्यस्त रखने के लिए उनके हाथों में अपना फोन दे देते हैं। लेकिन उनका ऐसा करना बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च में पता चला है कि दो साल से छोटे बच्चे मोबाइल स्क्रीन पर पहले से दोगुना समय बिता रहे हैं। 

bad effect of mobile phone on kids
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हाल ही में एक साइंस जर्नल में छपी एक स्टडी में इस बात पर चिंता जताई गई कि डिजिटल स्क्रीन के सामने बिताया जाने वाला इन बच्चों का समय पिछले 17 साल में पहले से दोगुना हो गया है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ रिसर्चः कहीं आपका बच्चा हर रोज इतने घंटे तो नहीं बिता रहा, हो जाएं सावधानमिशिगन की यह रिसर्च JAMA Paediatrics नाम के एक साइंस जर्नल में छपी है। इसमें इस बात पर शोध किया गया है कि पिछले कुछ दशकों में छोटे बच्चे मोबाइल स्क्रीन के सामने कितनी देर अपना समय बिता रहे हैं।

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रिसर्च के दौरान उस समय की तुलना की गई है जब मोबाइल इतने आम नहीं थे। इसके लिए 1997 का साल चुना गया और इसकी तुलना 2014 से की गई। 1997 में 1327 बच्चों और साल 2014 में 443 बच्चों के आकड़े को शामिल किया गया। नतीजों में देखा गया कि साल 1997 में अमेरिका में दो साल छोटे बच्चे हर दिन लगभग मोबाइल स्क्रीन पर औसतन 1.32 घंटे बीता रहे थे। जबकि साल 2014 में यह बढ़कर दोगुना हो गया।

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डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ पॉलिसी ऐंड मैनेजमेंट में काम करने वाले असिस्टेंट प्रफेसर वेईवेई चेन बच्चों में मोबाइल स्क्रीन पर इतना ज्यादा समय बिताने से चिंतित हैं। वह कहते हैं, 'हमारी स्टडी के नतीजे चौंकाने वाले हैं, इन्हें देखकर ऐसा लगता है कि मोबाइल हर जगह मौजूद हैं, जबकि टेलिविजन आज भी सबसे आम जरिया है जिसके माध्यम से छोटे बच्चे अपनी जानकारियां जुटाते हैं।' 

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बाल चिकित्सा विशेषज्ञों ने बच्चों के पैरंट्स को सुझाव दिया है कि वे बच्चों के सोने के समय से एक घंटा पहले से ही एक किस्म का डिजिटल कर्फ्यू लगा दें, मतलब मोबाइल और टैब जैसी चीजों से दूर रखें। 

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