{"_id":"5c7caae7bdec220bb35c4776","slug":"bad-effect-of-mobile-phone-on-kids","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"रिसर्चः कहीं आपका बच्चा मोबाइल पर हर रोज इतने घंटे तो नहीं बिता रहा, हो जाएं सावधान","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
रिसर्चः कहीं आपका बच्चा मोबाइल पर हर रोज इतने घंटे तो नहीं बिता रहा, हो जाएं सावधान
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत राय
Updated Mon, 04 Mar 2019 10:04 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
सोशल मीडिया से दिन प्रतिदिन लोग जुड़ते जा रहे हैं।। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखने को मिल रहा है। आजकल बच्चे अपना ज्यादा समय मोबाइल पर बीता रहे हैं। इस दौरान वो सोशल मीडिया के साथ-साथ गेम खेलते रहते हैं। माता-पिता भी बच्चे को व्यस्त रखने के लिए उनके हाथों में अपना फोन दे देते हैं। लेकिन उनका ऐसा करना बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च में पता चला है कि दो साल से छोटे बच्चे मोबाइल स्क्रीन पर पहले से दोगुना समय बिता रहे हैं।
2 of 5
social media
हाल ही में एक साइंस जर्नल में छपी एक स्टडी में इस बात पर चिंता जताई गई कि डिजिटल स्क्रीन के सामने बिताया जाने वाला इन बच्चों का समय पिछले 17 साल में पहले से दोगुना हो गया है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ रिसर्चः कहीं आपका बच्चा हर रोज इतने घंटे तो नहीं बिता रहा, हो जाएं सावधानमिशिगन की यह रिसर्च JAMA Paediatrics नाम के एक साइंस जर्नल में छपी है। इसमें इस बात पर शोध किया गया है कि पिछले कुछ दशकों में छोटे बच्चे मोबाइल स्क्रीन के सामने कितनी देर अपना समय बिता रहे हैं।
3 of 5
social media
रिसर्च के दौरान उस समय की तुलना की गई है जब मोबाइल इतने आम नहीं थे। इसके लिए 1997 का साल चुना गया और इसकी तुलना 2014 से की गई। 1997 में 1327 बच्चों और साल 2014 में 443 बच्चों के आकड़े को शामिल किया गया। नतीजों में देखा गया कि साल 1997 में अमेरिका में दो साल छोटे बच्चे हर दिन लगभग मोबाइल स्क्रीन पर औसतन 1.32 घंटे बीता रहे थे। जबकि साल 2014 में यह बढ़कर दोगुना हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
social media
डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ पॉलिसी ऐंड मैनेजमेंट में काम करने वाले असिस्टेंट प्रफेसर वेईवेई चेन बच्चों में मोबाइल स्क्रीन पर इतना ज्यादा समय बिताने से चिंतित हैं। वह कहते हैं, 'हमारी स्टडी के नतीजे चौंकाने वाले हैं, इन्हें देखकर ऐसा लगता है कि मोबाइल हर जगह मौजूद हैं, जबकि टेलिविजन आज भी सबसे आम जरिया है जिसके माध्यम से छोटे बच्चे अपनी जानकारियां जुटाते हैं।'
विज्ञापन
5 of 5
kids
बाल चिकित्सा विशेषज्ञों ने बच्चों के पैरंट्स को सुझाव दिया है कि वे बच्चों के सोने के समय से एक घंटा पहले से ही एक किस्म का डिजिटल कर्फ्यू लगा दें, मतलब मोबाइल और टैब जैसी चीजों से दूर रखें।
सबसे विश्वसनीयहिंदी न्यूज़वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ेंलाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसेहेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health and fitness news), लाइवफैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्टफूड न्यूज़इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) औरयात्रा (travel news in Hindi) आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।