Back Pain: क्यों होती है रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या? कारण और लक्षण जानकर करें निदान
ऑफिस में लंबे समय तक एक ही अवस्था में बैठे रहने और घर में सफाई करते समय चीजों को गलत तरीके से उठाने जैसी कई वजहों से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है। ऐसे में स्पाइनल कॉर्ड और स्लिप डिस्क की समस्या होना लाजमी है।
वजह जान लें
कमर दर्द का सबसे आम कारण है रीढ़ की मांसपेशियों में खिंचाव या मोच आना, जो कि कुछ लोगों में आनुवांशिक रूप से भी स्थानांतरित होता है। वहीं, बहुत देर तक बैठे रहने, गलत तरीके से सोने और हील एवं गलत आकार के जूते पहनने की वजह से भी रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है। कई बार चोट लगने पर भी स्पाइन की समस्या होती है। इसके अलावा वजन बढ़ना, शरीर में विटामिन और कैल्शियम की कमी भी आपकी रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचाती है।
लक्षणों को पहचानें
इसके मुख्य लक्षणों में मांसपेशियों में ऐंठन, खिंचाव, पीठ के निचले हिस्से में दर्द एवं जकड़न होना और रात के समय अत्यधिक दर्द महसूस करना शामिल है। इसके साथ ही जब आपको यह समस्या होती है तो यह पीठ का दर्द कूल्हों तक फैल जाता है और पैर सुन्न हो गए हैं, ऐसा महसूस होता है। इस वजह से आपको चलते समय परेशानी होती है और व्यायाम करने पर दर्द अधिक बढ़ जाता है।
समस्या का निदान
रीढ़ की हड्डी में हल्का या तेज दर्द होने पर नरम या ठोस बिस्तर पर न सोएं, क्योंकि इसकी वजह से ही लोगों में यह समस्या बढ़ जाती है। वहीं, नशीले पदार्थों का सेवन करने से रीढ़ की हड्डी में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। ऐसे में रीढ़ के निचले हिस्से को पर्याप्त मात्रा में पोषण नहीं मिल पाता है, इसलिए खान-पान का खास ख्याल रखें।
रखें ध्यान
अगर आपको पेट के बल सोने की आदत है तो इसे बदलें। स्ट्रेचिंग करें, योग एवं व्यायाम को समय दें, एक्सरसाइज करने से रीढ़ की हड्डी को मजबूत होने में मदद मिलती है। देर तक बैठने से बचें। अगर आपको लंबे समय तक एक जगह पर बैठे रहना पड़ता है तो पीठ के पीछे तकिए का सहारा लें।
झुककर तो कभी बैठें ही नहीं
सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन और स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल बताते हैं, लोअर बैक पेन की समस्या के पीछे कई कारण होते हैं, जैसे कि वजन बढ़ना, फिजिकल एक्टिविटी कम करना, लंबे समय तक बैठना और पोस्चर सही न होना आदि। रीढ़ की हड्डी की समस्या अक्सर महिलाओं को अधिक होती है, क्योंकि वे कई कामों को काफी लापरवाही से करती हैं। दिल्ली-एनसीआर में रोजाना 100-150 तक स्लिप डिस्क की सर्जरी हो रही हैं। ऐसे में आपको अपना ध्यान खुद रखने की जरूरत है, जिस में वजन को नियंत्रित रखना, उठते-बैठते समय अपने कोण पर ध्यान देना, विटामिन-कैल्शियम की कमी को पूरा करना और ज्यादा देर चलने एवं झुक कर बैठने से बचना चाहिए।