फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Covid-19: चीन में BF.7 के साथ BA.5.2 ने मचाई तबाही, वैज्ञानिकों की चिंता-इससे बूस्टर डोज वाले भी सुरक्षित नहीं

Thu, 05 Jan 2023 11:21 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 05 Jan 2023 11:21 AM IST
विज्ञापन
BA.5.2 and BF.7 covid variant cases in china, details and severity about BA.5.2 variant in hindi
कोरोना के नए सब-वैरिएंट BA.5.2 को लेकर अलर्ट - फोटो : iStock

चीन पिछले एक महीने से अधिक समय से कोरोना महामारी के गंभीर प्रकोप का शिकार है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां न सिर्फ संक्रमितों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, साथ ही कोरोना के कारण मृत्युदर में भी भारी इजाफा देखा जा रहा है। अब तक यहां संक्रमण बढ़ने के लिए मुख्यरूप से ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BF.7 को प्रमुख माना जा रहा था, हालांकि बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपने हालिया रिपोर्ट में बताया कि कुछ शहरों में नए सब-वैरिएंट BA.5.2 का भी प्रकोप देखा जा रहा है। ओमिक्रॉन में हो रहे लगातार म्यूटेशन को लेकर डब्ल्यूएचओ ने चिंता जताते हुए सभी देशों को अलर्ट किया है।



हालिया रिपोर्ट्स में जिस BA.5.2 वैरिएंट को चीन में संक्रमण बढ़ाने वाले खतरे के तौर पर देखा जा रहा है, असल में यह जुलाई 2022 से ही चीन में देखा जा रहा है। इसके मामले इन दिनों फिर से बढ़ रहे हैं। BA.5.2 को स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने वैरिएंट ऑफ कंसर्न के तौर पर वर्गीकृत किया है।

शुरुआती अध्ययनों में इसे वैक्सीन की प्रतिरक्षा को चकमा देते हुए तेजी से संक्रमण बढ़ाने वाला पाया गया था। आइए कोरोना के इस वैरिएंट के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।

BA.5.2 and BF.7 covid variant cases in china, details and severity about BA.5.2 variant in hindi
कोरोना वायरस में लगातार हो रहा है म्यूटेशन - फोटो : Pixabay

जुलाई 2022 से चीन में है यह वैरिएंट

चीन में पहली बार 4 जुलाई, 2022 को बीजिंग शहर में ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट BA.5.2 का पहला मामला सामने आया था। अमेरिका से लौटे 49 वर्षीय एक व्यक्ति में इस नए सब-वैरिएंट से संक्रमण की पुष्टि की गई थी। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया था कि संक्रमित व्यक्ति को अमेरिका में मॉडर्ना mRNA वैक्सीन की दो प्रारंभिक डोज के साथ-साथ इसका बूस्टर शॉट भी लगा हुआ था।

शोधकर्ताओं ने चिंता जताते हुए कहा था कि इस सब-वैरिएंट से बूस्टर डोज वाले भी सुरक्षित नहीं हैं।

BA.5.2 and BF.7 covid variant cases in china, details and severity about BA.5.2 variant in hindi
कोरोना के नए वैरिएंट्स अधिक संक्रामकता वाले - फोटो : Pixabay

चिंता बढ़ाती है BA.5.2 वैरिएंट की प्रकृति

BA.5.2 वैरिएंट के बारे में किए गए अध्ययनों में शोधकर्ताओं ने कई मामलों में इसे 'चिंताकारक वैरिएंट' के तौर पर वर्गीकृत किया था। चीन में इसके पहले मामले के अध्ययन में पाया गया था कि संक्रमित ने  26 मई, 2022 को वैक्सीन की बूस्टर डोज ली थी, जिसके दो महीने के भीतर ही उसमें संक्रमण की पुष्टि की गई थी। इस आधार पर वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला था कि यह वैरिएंट, आसानी से बूस्टर वैक्सीन से भी बनी प्रतिरक्षा को चकमा देने की क्षमता वाला है।

वैज्ञानिकों ने अध्ययन के दौरान इस वैरिएंट में T29678C म्यूटेशन के बारे में पता लगाया था जोकि इसकी प्रकृति को काफी संक्रामक बनाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
BA.5.2 and BF.7 covid variant cases in china, details and severity about BA.5.2 variant in hindi
प्रतिरक्षा को चकमा दे रहे हैं नए वैरिएंट्स - फोटो : iStock

प्रतिरक्षा को चकमा देने की उच्च क्षमता वाला वैरिएंट

अध्ययनकर्ताओं ने जीनोम स्टडी के दौरान पाया कि ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट BA.5.2 इससे पहले के म्यूटेशन वाले सब-वैरिएंट्स BA.1, BA.2, और BA.2.12.1 की तुलना में आसानी से प्रतिरक्षा को चकमा देने में कारगर हो सकता है। जुलाई 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में इसके मामले बढ़ने के पहले अमेरिका के कई हिस्सों में भी इसका प्रकोप देखा गया था।

वैज्ञानिकों की टीम ने चिंता जताते हुए कहा था कि फिलहाल सभी देशों को इस नए सब-वैरिएंट के व्यापक की निगरानी करते रहने की आवश्यकता है, क्योंकि यह तेजी से बड़ी आबादी को संक्रमित करने की क्षमता रखता है।

विज्ञापन
BA.5.2 and BF.7 covid variant cases in china, details and severity about BA.5.2 variant in hindi
कोरोना का बढ़ता वैश्विक जोखिम - फोटो : istock

चीन में बिगड़ते हालात वैश्विक चिंता का कारण

चीन में BF.7 के साथ BA.5.2 वैरिएंट्स के कारण बिगड़ते हालात को लेकर चिंता जताते हुए डब्ल्यूएचओ ने बुधवार को कहा, चीन कोरोना संक्रमण की स्थिति और मृतकों की संख्या के बारे में सही आंकड़े नहीं दे रहा है। अस्पताल-आईसीयू में भर्ती होने और संक्रमण से मरने वालों की संख्या यहां काफी अधिक होने की आशंका है। वास्तविक स्थिति का अंदाजा न हो पाना वैश्विक चिंता का कारण है।

फिलहाल सभी देशों को सुरक्षात्मक रूप से सख्ती बढ़ाने की आवश्यकता है। संक्रमण के हर मामले को गंभीरता से लें और कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। 



---------------
स्रोत और संदर्भ

TAG-VE statement on the meeting of 3 January on the COVID-19 situation in China

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed