Medically reviewed by-
कोरोना वायरस का संक्रमण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली और विभिन्न अंगों के कार्यों को प्रभावित कर सकता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि कोरोना वायरस लिवर को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे शरीर में ग्लूकोज बढ़ा जाता है जोकि डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। कुछ अध्ययनों में यह भी बताया गया है कि जिन लोगों को पहले से डायबिटीज की शिकायत नहीं थी, उनमें भी संक्रमण के बाद इस तरह का समस्याएं देखने को मिल रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डायबिटीज को ऐसी गंभीर बीमारी मानते हैं जो शरीर को धीरे-धीरे खोखला बनाती जाती है। कोविड-19 संक्रमण के दौर में डायबिटीज का नियंत्रण रखना और भी आवश्यक हो गया है। आइए इस लेख में आयुर्वेदिक माध्यम से डायबिटीज की रोकथाम के बारे में विस्तार से जानते हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञों का दावा है कि बताए जा रहे उपायों का नियमित रूप से पालन करके मधुमेह की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित रखा जा सकता है। आगे की स्लाइडों में विस्तार से इन उपायों के बारे में जानिए।
सलाह: आयुर्वेद में बताए इन पांच उपायों से नियंत्रित करें शुगर का लेवल, कुछ दिनों में ही दिखने लगेगा लाभ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्दी का सेवन है विशेष लाभकारी
आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाकर इसका सेवन करना काफी फायदेमंद हो सकता है। मधुमेह से लड़ने में यह काफी मददगार साबित हो सकता है, साथ ही शरीर में इंसुलिन के कार्य में भी इससे सुधार किया जा सकता है। इसके अलावा भोजन में हल्दी का इस्तेमाल करना भी काफी फायदेमंद है क्योंकि यह ट्राइग्लिसराइड्स को बढ़ने से रोकने में सहायक हो सकता है। ट्राइग्लिसराइड्स खून में पाए जाने वाला एक प्रकार का वसा (लिपिड) है।
मधुमेह रोगियों के लिए आंवले का फायदा
आयुर्वेद के अनुसार आंवले को मधुमेह रोधी माना जाता है। इंसुलिन स्रावित करने वाली अग्नाशयी कोशिकाओं में किसी भी तरह की असामान्यताओं को ठीक करने में आंवले को काफी कारगर माना जाता है। आंवले में मौजूद क्रोमियम, कार्बोहाइड्रेट के मेटाबॉलिज्म को आसान बनाने में सहायक होता है जो शरीर की इंसुलिन प्रतिक्रियाओं को ठीक कर देती है। मधुमेह से ग्रसित सभी लोगों को रोजाना एक आंवले का सेवन करने की सलाह दी जाती है।
सूप का सेवन
डायबिटीज रोगियों के लिए मोरिंगा या लौकी का सूप पीना काफी लाभदायक माना जाता है। पहले तो यह सूप विटामिन और आवश्यक पौधों के रसायनों से भरपूर होते हैं, साथ ही शुगर ब्रेकडाउन और इंसुलिन स्राव की प्रक्रियाओं को आसान बनाने में भी इसे काफी फायदेमंद माना जाता है। पौधों से प्राप्त कई तरह के रसायन मस्तिष्क के सूजन को ठीक करके तनाव को कम करने में भी काफी मदद करते हैं। तनाव के कारण भी शरीर में शुगर का स्तर प्रभावित हो सकता है।
आहार पर रखें विशेष ध्यान
आयुर्वेद के मुताबिक डायबिटिक रोगियों को शर्करा युक्त खाद्य पदार्थ और तले हुए भोजन का सेवन कम से कम करना चाहिए। इसके अलावा भोजन में आयरन और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे रागी या ज्वार के आटे को शामिल करने का प्रयास करें। एक अनिवार्य कदम, रात का भोजन हल्का और स्वस्थ रखने की कोशिश करें। ऐसी सब्जियों और फलों का सेवन करें जो विटामिन, आयरन, एंटीऑक्सिडेंट और प्रोटीन से भरपूर हों जैसे पालक, लौकी, जामुन, सेब, पपीता आदि। डायबिटीज के नियंत्रण में यह सब काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।