दिनभर ऑफिस के काम के कारण थकान महसूस होना, कुछ भी करने का मन न करना या छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन बहुत आम है। ये दिक्कते वैसे तो कुछ समय आराम के बाद ठीक हो जाती हैं, हालांकि अगर लंबे समय तक ये दिक्कतें आपको परेशान कर रही हैं तो आपको सावधान हो जाना चाहिए।
सेहत की बात: आप भी तो नहीं हो गए हैं बर्नआउट का शिकार? ऑफिस में काम करने वालों में क्यों बढ़ रहा है इसका खतरा
बर्नआउट लंबे समय तक कार्यस्थल के तनाव से जुड़ी स्थिति है। लगातार थकान, काम से दूरी, नकारात्मकता और काम करने की क्षमता में गिरावट इसके प्रमुख संकेत हैं। ज्यादा काम, आराम की कमी और सीमाएं न बना पाना जोखिम बढ़ा सकते हैं।
बर्नआउट की बढ़ती दिक्कत
विश्व स्वास्थ्य संगठन बर्नआउट को लंबे समय तक रहने वाले कार्यस्थल के तनाव से जुड़ा एक सिंड्रोम मानता है। इसके तीन मुख्य लक्षण होते हैं- लगातार ऊर्जा में कमी महसूस होना, काम का मन न करना या नकारात्मकता बढ़ना। हालांकि रोजमर्रा की भाषा में लोग बर्नआउट शब्द का इस्तेमाल काम के अलावा दूसरी लगातार बनी रहने वाली तनाव वाली परिस्थितियों के लिए भी करते हैं। इसलिए सिर्फ एक-दो दिन की थकान को बर्नआउट नहीं माना जाता है, ये लंबे समय के तनाव के कारण होने वाली समस्या है।
आइए जानते हैं कि आप इस समस्या की कैसे पहचान कर सकते हैं?
आखिर बर्नआउट होता क्यों है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लगातार ज्यादा काम, हर समय काम के लिए उपलब्ध रहने का दबाव, वर्क लाइफ बैलेंस बिड़ने और लगातार जीवन तनाव बर्नआउट का जोखिम बढ़ा सकते हैं। इस तरह की दिक्कतों के साथ अगर आपको आराम नहीं मिल रहा या नींद पूरी नहीं हो रही तो ये समस्याओं को और बढ़ाने वाली हो सकती है।
- बर्नआउट के शिकार लोगों को काम से नियमित ब्रेक, अच्छी नींद, शारीरिक गतिविधि और भरोसेमंद लोगों से बात करना फायदेमंद हो सकता है।
लगातार थकान से रहते हैं परेशान?
बर्नआउट का सबसे आम संकेत लगातार थकान रहना माना जाता है। आपको ऐसा लग सकता है कि सामान्य काम-काज भी बहुत भारी पड़ रहे हैं।
- काम पूरा करने में पहले से ज्यादा समय लग सकता है और दिन शुरू होते ही थकावट महसूस हो सकती है।
- लंबे समय तक तनाव और आराम की कमी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं।
जिस काम में पहले रुचि थी, उसी से लगातार दूरी महसूस होने लगे, हर काम बेकार या बोझ जैसा लगने लगे और छोटी बातों पर गुस्सा आने लगे तो ये संकेत आलार्मिंग हो सकते हैं।
ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल
बर्नआउट में सिर्फ मन ही प्रभावित नहीं होता, काम करने का तरीका भी बदल सकता है। आपको ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, उत्पादकता में कमी और अपने काम को लेकर लगातार नकारात्मक महसूस हो सकता हैं। लंबे समय तक तनाव के साथ अगर आपकी नींद भी खराब रहती है तो इससे ध्यान और एकाग्रता की समस्या और बढ़ सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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