लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी का वैसे तो संपूर्ण स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, पर हार्ट और किडनी-लिवर पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। इन अंगों से संबंधित जो बीमारियां पहले सिर्फ बुजुर्गों में हुआ करती थीं, वह अब 30 से कम उम्र के लोगों में भी देखी जा रही हैं।
Liver Care: लिवर डिटॉक्स के नाम पर पैसा और सेहत दोनों तो नहीं गंवा रहे आप? डॉक्टर ने बताई सच्चाई
लिवर डिटॉक्स डाइट और लिवर क्लीनर जूस का चलन तेजी से बढ़ रहा है। लोग मानते हैं कि कुछ दिनों का जूस या डिटॉक्स प्लान लिवर को पूरी तरह साफ कर सकता है, लेकिन क्या वास्तव में शरीर को ऐसे किसी मैजिक क्लीनर की जरूरत होती है?
क्यों बढ़ती जा रही हैं लिवर की बीमारियां?
लिवर को डिटॉक्स करना कितना जरूरी है, इसे समझने से पहले ये जान लेना जरूरी है कि कम उम्र के लोगों में लिवर की बीमारी बढ़ती क्यों जा रही है? अमर उजाला से बातचीत में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ स्वप्निल श्रीवास्तव बताते हैं, लिवर की बीमारी के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण गलत खानपान और शारीरिक निष्क्रियता है।
- ज्यादा चीनी वाली चीजें, ट्रांस फैट और प्रोसेस्ड फूड का सेवन फैटी लिवर डिजीज का प्रमुख कारण बनता है।
- इसके अलावा, शराब लिवर कोशिकाओं को सीधे नुकसान पहुंचाती है, जिससे सूजन और स्कारिंग की समस्या हो सकती है।
- जो लोग शारीरिक रूप से कम मेहनत करते हैं, लंबे समय तक बैठे रहते हैं उनमें भी लिवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा अधिक देखा जाता है।
क्या लिवर डिटॉक्स डाइट वास्तव में जरूरी है?
डॉक्टर स्वप्निल कहते हैं, ये सच है कि लिवर बिना रुके लगातार शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालता रहता है। लेकिन इसे ठीक से काम करने या क्लीन करने के लिए किसी खास डाइट या क्लींजर की जरूरत नहीं होती।
- लिवर कुदरती तौर पर खून को फिल्टर करके और बाइल बनाकर शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालता है।
- डिटॉक्स डाइट या किसी खास ड्रिंक्स के बजाय, लिवर हेल्दी रखने के लिए फल, सब्जियां, लीन प्रोटीन और साबुत अनाज वाली संतुलित डाइट लेना चाहिए।
- लिवर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और ये ठीक से कम करता रहे इसके लिए शराब से दूरी सबसे जरूरी है।
- इसके अलावा लिवर को हेल्दी रखने के लिए नियमित व्यायाम भी जरूरी है।
- बाकी जहां तक लिवर को क्लीन करने की बात है, ये काम लिवर खुद ही अच्छे से और लगातार करता रहता है।
- हर ड्रिंक या उपाय सभी को सूट करे, ये भी जरूरी नहीं। कई लोगों को सोशल मीडिया वाले बिना प्रमाणिक उपायों से नुकसान भी हो सकता है।
लिवर पर न डालें अतिरिकत बोझ
डॉक्टर कहते हैं, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो लिवर डिटॉक्स के लिए महंगे-महंगे तरीकों की कोई आवश्यकता नहीं होती, लिवर स्वयं शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्स सिस्टम है। कोई भी जूस या क्लीनर लिवर को रीसेट नहीं कर सकता। हां, ये जरूर ध्यान रखें कि आप किसी तरह से इस अंग पर अतिरिकत बोझ न डालें।
- फास्ट-जंक फूड्स, शराब और तेल-मसाले वाली चीजों को प्रोसेस करने के लिए लिवर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे लिवर के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
- हरी सब्जियां, फल, ओमेगा-3 फैटी एसिड और पर्याप्त पानी पानी लिवर के काम को सपोर्ट करते हैं।
लिवर को हेल्दी रखने के लिए और क्या करें?
डॉक्टर कहते हैं, लिवर हेल्थ के लिए सबसे पहले संतुलित आहार जरूरी है।
- फाइबर युक्त भोजन, हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज लिवर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।
- अत्यधिक तैलीय और प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए क्योंकि ये फैट जमा करने की प्रक्रिया को बढ़ाते हैं।
- नियमित वॉक, योग और कार्डियो व्यायाम लिवर में फैट को कम करने में मदद करती हैं।
- दिन में ज्यादा देर तक बैठने से बचें, ये पूरी सेहत के लिए नुकसानदायक है।
- इसके अलावा सबसे जरूरी है नियमित हेल्थ चेकअप, खासकर लिवर फंक्शन टेस्ट कराना।
- ये शुरुआती समस्याओं को पहचानने में मदद करता है। समय पर बीमारी की पहचान से गंभीर खतरों को टाला जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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