कैंसर, वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, साल-दर साल इस रोग का खतरा बढ़ता जा रहा है। कैंसर जानलेवा बीमारी है, दुर्भाग्यवश ज्यादातर मामलों में इसका पता ही तब चल पाता है जब रोग काफी गंभीर रूप ले चुकी होती है। पुरुषों में प्रोस्टेट और महिलाओं में ओवेरियन-ब्रेस्ट कैंसर का खतरा सबसे अधिक देखा जा रहा है। ये हर साल लाखों लोगों में मौत का कारण बन रही है।
Health Tips: ये हैं एंटी-कैंसर गुणों वाली सब्जियां-फल, नियमित सेवन से 40% कम कर सकते हैं जानलेवा रोग का खतरा
ब्रोकली से कम हो सकता है कैंसर का खतरा
क्या आप जानते हैं कि ब्रोकली कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ से भरपूर होती है? विशेषतौर पर इसे खास बनाती है इसमें मौजूद कैंसर रोधी गुण। ब्रोकली में सल्फोराफेन होता है, जो क्रूसिफेरस सब्जियों में पाया जाने वाला एक यौगिक है, इसे शक्तिशाली कैंसर विरोधी गुण वाला माना जाता है। एक टेस्ट-ट्यूब अध्ययन से पता चला कि सल्फोराफेन वाली चीजें स्तन कैंसर कोशिकाओं के आकार और संख्या को 75% तक कम सकती हैं।
गाजर से प्रोस्टेट कैंसर में लाभ
शोधकर्ताओं ने पाया कि गाजर भी हमारी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती है, अध्ययनों से पता चला है कि गाजर खाने से कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा कम हो जाता है। पांच अध्ययनों के विश्लेषण में पाया गया है कि गाजर खाने से पेट के कैंसर का खतरा 26% तक कम हो सकता है। इसके अलावा गाजर का सेवन करने वाले लोगों में प्रोस्टेट कैंसर विकसित होने की आशंका भी 18 फीसदी तक कम हो जाती है।
दालचीनी के एंटीकैंसर प्रभाव
दालचीनी को अध्ययनों में कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ वाला पाया गया है। रक्त शर्करा और शरीर में इंफ्लामेशन को कम करने में इसके सेवन से विशेष लाभ मिल सकता है। टेस्ट-ट्यूब अध्ययनों में पाया गया है कि दालचीनी कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को रोकने में भी मदद कर सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि दालचीनी का अर्क कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोक सकती है।
ऑलिव ऑयल का करिए सेवन
ऑलिव ऑयल को शोधकर्ताओं ने हृदय स्वास्थ्य के लिए सबसे लाभकारी खाद्य तेल माना है, पर क्या आप जानते हैं कि इससे कैंसर के जोखिमों को भी कम किया जा सकता है। अध्ययनों से पता चला है कि ऑलिव ऑयल कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिमों से बचाने में भी आपके लिए लाभकारी प्रभाव वाली हो सकती है।
अध्ययनों की समीक्षा से पता चला है कि जो लोग जैतून के तेल का सेवन करते हैं, उनमें स्तन कैंसर और पाचन तंत्र के कैंसर का खतरा कम होता है।
---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।