फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Study: अब एआई की मदद से हो सकेगा कैंसर का निदान, वैज्ञानिकों को 90 फीसदी सटीक परिणाम की उम्मीद

Mon, 11 Sep 2023 05:05 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 11 Sep 2023 05:05 PM IST
विज्ञापन
An artificial intelligence (AI) based approach in detecting gall bladder cancer, AI helps in cancer detection
कैंसर का निदान होगा आसान - फोटो : Pixabay

कैंसर वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम रहा है, हर साल तमाम प्रकार के कैंसर के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कैंसर का खतरा किसी को भी हो सकता है, इससे बचाव के लिए लगातार प्रयास करते रहने की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तकनीक के विकास और मेडिकल की क्षेत्र में आधुनिकता के साथ पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अब कैंसर का इलाज आसान तो हुआ है पर अब भी यह आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। कैंसर के कारण मृत्यु के बढ़ते मामलों के लिए इसका समय पर निदान न हो पाना एक कारण माना जाता रहा है। 



इस बीच एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं की टीम ने कैंसर के निदान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (आई) को प्रभावी पाया है। द लैंसेट रीजनल हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन की रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया कि एआई के माध्यम से पित्ताशय के कैंसर का पता लगाना आसान हो सकता है, एक अनुभवी रेडियोलॉजिस्ट की तरह ही इसके माध्यम से समय पर कैंसर का पता लगाया जा सकता है।

मेडिकल के क्षेत्र में तकनीक के इस संयोजन को स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी प्रभावी मान रहे हैं।

An artificial intelligence (AI) based approach in detecting gall bladder cancer, AI helps in cancer detection
मेडिकल के क्षेत्र में एआई - फोटो : Istock

एआई विकसित करने की दिशा में काम

चंडीगढ़ में पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), नई दिल्ली की टीम डीप लर्निंग मॉडल को बनाने की दिशा में काम कर रही है जो पेट के अल्ट्रासाउंड के माध्यम से पित्ताशय के कैंसर का पता लगा सके।

यहां जानना जरूरी है कि डीप लर्निंग, एआई में एक ऐसी विधि है जो कंप्यूटर को उसी तरह से डेटा प्रोसेस करना सिखाती है जैसा कि इंसानों का मस्तिष्क करता है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इसकी मदद से दुनिया के कई देशों में तेजी से बढ़ रहे इस कैंसर का समय रहते निदान किया जा सकेगा।

An artificial intelligence (AI) based approach in detecting gall bladder cancer, AI helps in cancer detection
गॉलब्लैडर कैंसर का हो सकेगा निदान - फोटो : iStock

परीक्षण के परिणाम काफी आशावादी

वैज्ञानिकों की टीम ने 233 रोगियों के डेटासेट पर डीप लर्निंग के इस मेथड को ट्रेन किया और 273 रोगियों पर इसका परीक्षण किया गया। परीक्षण के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट की दो रेडियोलॉजिस्टों ने समीक्षा भी की। अध्ययन के अनुसार परीक्षण सेट में डीएल मॉडल की प्रभाविकता  92.3 प्रतिशत पाई गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि रेडियोलॉजिस्ट की तरह एआई के माध्यम से भी कैंसर का आसानी से निदान करने में मदद मिल सकती है।

कैंसर के समय पर निदान को बढ़ावा देने में इसका लाभ हो सकता है, वैज्ञानिकों की टीम ने इस तकनीक को लेकर आशा जताई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
An artificial intelligence (AI) based approach in detecting gall bladder cancer, AI helps in cancer detection
कैंसर का आसानी से हो सकेगा निदान - फोटो : Pixabay

समय पर कैंसर के निदान में मिलेगी मदद

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, गॉलब्लैडर कैंसर एक अत्यधिक घातक बीमारी है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ज्यादातर मामलों में रोग का प्रारंभिक निदान चुनौतीपूर्ण है क्योंकि पित्ताशय के घावों का आसानी से पता लगाना कठिन हो सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि मेडिकल के क्षेत्र में इस नई तकनीक के माध्यम से कैंसर का पता लगाना आसान हो सकेगा साथ ही यह वैश्विक स्तर पर पड़ रहे दबाव को कम करने में भी मददगार हो सकेगी।  



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed