अल्जाइमर बीमारी भूलने की बीमारी है। इस बीमारी के मुख्य लक्षण याददाश्त की कमी होना, निर्णय न ले पाना, बोलने में दिक्कत आने जैसी समस्या होती है। । हर व्यक्ति इस बीमारी को लेकर एक अलग सोच रखता है। इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि अल्जाइमर क्या है और इससे जुड़े मिथक क्या हैं।
ये हैं अल्जाइमर बीमारी के पांच मिथक ,जानें क्या है इनकी हकीकत
अल्जाइमर बीमारी सिर्फ बुजुर्गो को होती है
अत्यधिक लोगों का मानना है कि अल्जाइमर की बीमारी सिर्फ बुर्जर्गों को होती है। लेकिन ऐसा नहीं है , इस बीमारी के चपेट में युवा भी आ सकते हैं। एक रिसर्च के अनुसार 30, 40 और 50 की उम्र के 5 फीसदी लोग इस बीमारी से ग्रस्त हैं। यह रोग अनुवांशिक भी हो सकता है , लेकिन अगर यह अनुवांशिक नहीं है तो इसका सीधा संबध आपके खराब जीवनशैली से है।
अल्जाइमर मौत का कारण नहीं है यह धारणा बिल्कुल गलत है। अल्जाइमर की बीमारी हमारे मौत का कारण बन सकती है। क्या आपको पता है कि यूएस में अल्जाइमर रोग मौत की छठी वजह है। बुर्जर्गों में हार्ट अटैक और कैंसर के बाद अल्जाइमर भी मौत का कारण है। ऐसा इसलिए क्योंकि अल्जाइमर से ग्रस्त रोगी अपने रोजाना के खान-पान को भी भूल सकता है , जिसकी वजह से शरीर को प्राप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाएंगे। इसके कारण व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
जैसे -जैसे उम्र बढ़ती है हमारी यादाश्त कम होने लगती है। यह बात एकदम सामान्य है लेकिन जब छोटी-छोटी चीजें भी हमें याद न रहें , बोलने में दिक्कत होने लगे और निर्णय न ले पाने जैसे समस्या होने लगे तो यह बात सामान्य नहीं है। आप गाड़ी की चाबी भूल सकते हैं , लेकिन गाड़ी चलाना नहीं।
यह धारणा बिल्कुल सत्य है कि महिलाओं में पुरूषों के मुकाबले अल्जाइमर रोग अधिक होता है। अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'गैरियाटिक साइक्रेट्री' में प्रकाशित एक शोध में बताया गया था कि स्ट्रेस हॉर्मोन ब्रेन हेल्थ लैंगिक के आधार पर भूमिका निभाते हैं। इसलिए महिलाओं में अल्जाइमर रोग की सभांवना अधिक पाई जाती है।