एलोवेरा के पौधे को वर्षों से कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रयोग में लाया जाता रहा है। आयुर्वेद और मेडिकल साइंस दोनों में इससे होने वाले फायदों का जिक्र मिलता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ, नियमित रूप से एलोवेरा जूस पीने की सलाह देते हैं, पाचन से लेकर डायबिटीज की समस्या तक में इससे लाभ देखे गए हैं। एलोवेरा में कई प्रकार के प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो क्रोनिक बीमारियों के खतरे को कम करने से लेकर कैंसर जैसी जानलेवा समस्याओं तक में आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इस जूस में विटामिन-सी की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है जिससे संक्रमण का जोखिम कम होता है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी लाभ पहुंचता है।
सेहत की बात: इस बेहद लाभकारी जूस से ब्लड शुगर-कोलेस्ट्रॉल दोनों रहता है कंट्रोल, पाचन समस्याओं का रामबाण इलाज
पाचन विकारों में मिलता है एलोवेरा जूस से लाभ
पाचन से संबंधित कई तरह की समस्याओं में एलोवेरा जूस के सेवन के लाभ देखे गए हैं। अध्ययन में पाया गया है कि एलोवेरा जूस में एन्थ्राक्विनोन ग्लाइकोसाइड नामक तत्व होता है जो लैक्सेटिव प्रभावों के लिए जाना जाता है। एलोवेरा जूस का सेवन कब्ज को दूर करने और मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाने में विशेष लाभकारी हो सकता है। कुछ प्रारंभिक शोध से पता चलता है कि एलोवेरा, गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) के लक्षणों को कम करने और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम की समस्या में भी फायदेमंद है।
डायबिटीज रोगियों को करना चाहिए इसका सेवन
डायबिटीज के शिकार लोगों के लिए भी एलोवेरा जूस फायदेमंद माना जाता है। जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल फ़ार्मेसी एंड थेरेप्यूटिक्स में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, एलोवेरा प्री-डायबिटीज और टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में प्रभावी हो सकता है। 470 प्रतिभागियों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि एलोवेरा जूस का सेवन करने से फास्टिंग ब्लड शुगर के स्तर को कम किया जा सकता है। डायबिटीज में पाचन की दिक्कत होना भी सामान्य है, जिसमें भी इसके लाभ हो सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल भी रहता है कंट्रोल
एक अध्ययन से पता चला है कि एलोवेरा का जूस रक्त शर्करा को कम करने के साथ कोलेस्ट्रॉल की समस्या में भी फायदेमंद हो सकता है। बैड कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल) को भी यह कम कर सकता है। ये सभी हृदय रोगों के कारक माने जाते हैं। शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि एलोवेरा के नियमित सेवन की आदत मौजूदा समय की दो सबसे बड़ी समस्याओं हृदय रोग और मधुमेह में लाभकारी है।
त्वचा विकारों में भी एलोवेरा से मिलता है लाभ
एलोवेरा को इसके एंटी-इंफ्लामेटरी प्रभावों के लिए जाना जाता है, जिससे यह जलन और अन्य त्वचा विकारों के लिए एक संभावित और प्रभावी उपचार हो सकता है। एलोवेरा जूस के सेवन के साथ इसे त्वचा पर लगाने को भी अध्ययनों में फायदेमंद पाया गया है। एक अध्ययन में 46 वर्ष से कम आयु के पुरुषों के समूह में 12 सप्ताह तक प्रतिदिन ऐलोवेरा के इस्तेमाल को त्वचा की लोच में सुधार करने और रंगत को ठीक रखने में भी लाभकारी पाया गया है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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