लोवर रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (एलआरआई) दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2016 में दुनियाभर में इसके कारण 2.38 मिलियन लोगों की मौत हुई। हालांकि वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अब इस मृत्युदर को काफी कम किया जा सकेगा। लगभग 60 वर्षों के प्रयास के बाद, घातक श्वसन संक्रमण रेस्पिरेटरी सिंकिटियल वायरस या आरएसवी के लिए अब टीके उपलब्ध हैं। फूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने अमेरिका में पिछले महीने जीएसके कंपनी की एरेक्सवी और फाइडर की एब्रिस्वो वैक्सीन को मंजूरी दी है।
RSV Vaccines: 60 साल की मेहनत से कम होगा श्वसन रोगों से मृत्यु का खतरा, इन दो वैक्सीन को माना जा रहा है वरदान
वैज्ञानिकों ने वैक्सीन को बताया वरदान
संयुक्त राज्य अमेरिका में 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में आरएसवी वायरस के कारण ब्रोंकियोलाइटिस (फेफड़ों में छोटे वायुमार्ग की सूजन) और निमोनिया (फेफड़ों का संक्रमण) का सबसे ज्यादा जोखिम देखा जाता रहा है। इसी माह 21 जून को सीडीसी की एक बैठक है जिसमें टीकों की उपलब्धता को लेकर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
नेशनल फाउंडेशन फॉर इंफेक्शियस डिजीज के मेडिकल डायरेक्टर विलियम शेफ़नर कहते हैं, ये टीके किसी वरदान से कम नहीं हैं। इससे हर साल होने वाली मृत्युदर में काफी कमी आने की उम्मीद है।
एरेक्सवी वैक्सीन 82 फीसदी असरदार
जीएसके (ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन) के टीके एरेक्सवी को मंजूरी मिलने से पहले इसे 60 साल और इससे अधिक उम्र के लोगों पर सिंगल डोज वैक्सीन के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण में 12,500 लोगों को एरेक्सवी और इतने ही लोगों को प्लेसिबो दिया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि ये टीके आरएसवी वायरस के कारण होने वाले लोवर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट डिजीज के जोखिम को 82.6% और गंभीर बीमारी होने के जोखिम को 94.1% तक कम कर सकते हैं।
जीएसके के वाइस प्रेसिडेंट लियोनार्ड फ्रीडलैंड ने इस टीके को "असाधारण" प्रभावों वाला बताया है।
एब्रिस्वो वैक्सीन की प्रभाविकता
इसी प्रकार फाइजर के एब्रिस्वो को भी नैदानिक परीक्षणों में कई प्रकार से लाभकारी पाया गया है। 17,000 लोगों पर वैक्सीन और प्लेसबो के साथ किए गए अध्ययन में इसके भी बेहतर परिणाम देखे गए। इन टीकों को दो या अधिक लक्षणों वाले लोवर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट डिजीज पर 66.7% और तीन या अधिक लक्षणों पर 85.7% तक प्रभावी पाया गया।
यह आरएसवी से जुड़े अक्यूट रेस्पिरेटरी डिजीज के जोखिम को 62 प्रतिशत तक कम कर सकता है, जो अस्पताल में भर्ती होने का प्रमुख कारण रहा है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया साइड इफेक्ट्स के रूप में अध्ययन में शामिल कुछ लोगों ने थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्या का अनुभव किया, जो स्वत: ठीक हो गया। टीके लगवाने वाले 10 लोगों और प्लेसीबो वाले चार लोगों ने एट्रियल फाइब्रिलेशन की सूचना दी । एफडीए का कहना है कि ये टीके फिलहाल सुरक्षित पाए गए हैं, बेहतर परिणाम देखते हुए इसे कम आयु वालों के लिए भी मंजूरी दी जी सकती है।
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स्रोत और संदर्भ
Respiratory Syncytial Virus Prefusion F Protein Vaccine in Older Adults
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