राजधानी दिल्ली इन दिनों वायु प्रदूषण के कारण गैस चैंबर में बदल गई है। पिछले कई दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) लगातार खराब और बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को प्रदूषण से निरंतर बचाव के लिए उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। वायु प्रदूषण के लगातार संपर्क में रहने के कारण कई तरह की अल्पकालिक और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है। हालिया जानकारियों के मुताबिक अस्पताल में सांस की समस्या वाले मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है।
Air Pollution: बढ़ता प्रदूषण इस जानलेवा समस्या का भी बढ़ा रहा है जोखिम, ऐसे लोगों को सबसे ज्यादा खतरा
अध्ययनों में कहा जा रहा है कि वायु प्रदूषण के संपर्क में रहना आपके लिए गंभीर और जानलेवा समस्याओं का कारण बन सकता है। इससे ब्रेन स्ट्रोक होने का जोखिम बढ़ जाता है। जानिए किन्हें इसका खतरा अधिक होता है?
धूम्रपान की ही तरह से नुकसानदायक है प्रदूषण
एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि वायु प्रदूषण के संपर्क में रहना सेहत के लिए उसी तरह से खतरनाक है जैसे धूम्रपान की आदत। शोधकर्ताओं ने इसे सबराचनोइड हेमरेज स्ट्रोक का बढ़ाने वाला पाया है। मस्तिष्क और इसे ढकने वाले ऊतकों के बीच मौजूद रक्त वाहिकाओं के टूटने के कारण होने वाला ये स्ट्रोक जानलेवा हो सकता है।
द लैंसेट न्यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित वैश्विक अध्ययन में पाया गया है कि साल 2021 में सबराचनोइड हेमरेज के कारण होने वाली लगभग 14% मृत्यु और विकलांगता के लिए पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) वायु प्रदूषण जिम्मेदार था। हर साल ये जोखिम बढ़ता ही जा रहा है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, राजधानी दिल्ली में जिस तरह से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है और दिवाली के बाद इसके और भी बढ़ने की आशंका है, इसे देखते हुए सभी लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। हार्ट अटैक और स्ट्रोक दोनों को हर साल दुनियाभर में होने वाली मौतों के लिए बड़ा कारण माना जाता रहा है। जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है, उनके लिए खतरा और भी अधिक हो सकता है।
प्रदूषित हवा में मौजूद कई प्रकार के हानिकारक तत्व स्ट्रोक के जोखिम कारकों को ट्रिगर कर सकते हैं जिससे आप इस जानलेवा समस्या का शिकार हो सकते हैं।
क्यों इतना खतरनाक है वायु प्रदूषण?
वैज्ञानिकों ने बताया कि वायु प्रदूषण में पाया जाने वाला O3 मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में असामान्य जमाव को बढ़ावा दे सकता है, जिससे रक्तस्राव की घटनाएं बढ़ जाती हैं। यह भी देखा गया है कि बढ़ा हुआ पीएम 2.5 फेफड़ों से होकर रक्त में फैलता है जिससे मस्तिष्क की धमनियां पतली हो जाती हैं, इससे रक्तचाप में वृद्धि होती है और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा वायु प्रदूषण के कारण ब्लड प्रेशर की समस्या भी बढ़ जाती है जिसे स्ट्रोक के लिए जिम्मेदार माना जाता रहा है।
हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग बरतें खास सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है उन्हें प्रदूषित वातावरण से सबसे ज्यादा नुकसान होता है। यूएस स्थित ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में मेडिकल सेंटर के शोधकर्ता और प्रोफेसर डॉ. लोरेन वोल्ड कहते हैं, वायु प्रदूषण में मौजूद पीएम 2.5 के कण रक्त वाहिकाओं की परत से होकर संचार प्रणाली में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे धमनियां कठोर होने लगती हैं। यही कारण है कि इससे रक्तचाप बढ़ जाता है।
जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत रही है उनमें ये समस्या स्ट्रोक और हार्ट अटैक के खतरे को भी बढ़ाने वाली मानी जाती है। प्रदूषण से बचाव करना और रक्तचाप को कंट्रोल रखना दोनों आपके लिए बहुत जरूरी है।
-------------------
स्रोत और संदर्भ
Ambient Air Pollution and Stroke: An Updated Review
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।