कोरोनावायरस वैश्विक स्वास्थ्य चिंता का कारण रहा है। भले ही इन दिनों संक्रमण की रफ्तार काफी नियंत्रित है पर वैज्ञानिकों की टीम ने चेताया है कि इसे हल्के में लेने की गलती नहीं की जानी चाहिए। वायरस में अब भी म्यूटेशन जारी है जिससे नए वैरिएंट्स का खतरा अब भी बना हुआ है। पिछले महीने अमेरिका के कुछ स्टेट्स में एक नए ओमिक्रॉन वैरिएंट EU.1.1 के बारे में पता चला था।
Latest Study: मिली बड़ी कामयाबी- कहीं आपके आस-पास कोरोनावायरस तो नहीं? बस पांच मिनट में चल जाएगा पता
एयर मॉनिटर देगी वायरस की जानकारी
नेचर कम्युनिकेशंस ने जर्नल में सोमवार को प्रकाशित इस शोध के परिणाम काफी आशाजनक रहे हैं। शोधकर्ता और एसोसिएट इंजीनियरिंग के प्रोफेसर राजन चक्रवर्ती कहते हैं, हमारी टीम यह जानने के लिए अध्ययन कर रही थी कि किसी बंद कमरे में क्या कोरोना का पता लगाया जा सकता है? यह किसी स्थान की सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है, भले ही ये भूसे के ढेर में सुई ढूंढने जैसा हो।
इस एयर मॉनिटर की मदद से ऐसा करने में सफलता मिल सकती है। अब हम ये जान सकते हैं कि किसी स्थान पर वायरस है या नहीं?
पांच मिनट में लग सकेगा वायरस का पता
टीम ने वेट साइक्लोन नामक तकनीक का उपयोग करके 176 क्यूबिक फीट हवा में 5 मिनट के भीतर वायरस का पता लगाया। वायरस का पता चलने पर डिवाइस की लाइट हरे से लाल हो जाती है, जो इंगित करती है कि इस हवा में वायरस है और यहां अधिक वेंटिलेशन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
टीम ने प्रयोगशाला प्रयोगों के दौरान एक कमरे में कोविड-19 पॉजिटिव दो लोगों को इस डिवाइस के साथ बंद कर दिया और यह जानने की कोशिश की कि कितनी तेजी से वायरस कमरे में फैल सकता है और यह डिवाइस कितनी जल्दी इसका पता लगा सकती है। इसके बेहतर परिणाम देखे गए।
कोरोना के अलावा भी अन्य श्वसन वायरस की हो सकेगी पहचान
वैज्ञानिकों की टीम इस शोध के अगले चरण में इस लक्ष्य के साथ काम कर रही है कि इस डिवाइस को किस प्रकार से घरेलू इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस उपकरण के अस्पतालों और स्कूलों में प्रयोग करने से हम बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमण के खतरे से बचा सकेंगे। खास बात यह है कि ये डिवाइस न सिर्फ कोरोनावायरस, बल्कि इन्फ्लूएंजा और अन्य रेस्पोरेटरी सिंकाइटियल वायरस का पता लगाने में भी सक्षम है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर जॉन सिरिटो कहते हैं, अब तक हमारे पास ऐसा कुछ भी नहीं था जो हमें बताता हो कि कमरा कितना सुरक्षित है? यदि आप 100 लोगों वाले कमरे में हैं, तो जब तक कोई व्यक्ति संक्रमित नहीं होता था तब तक इसका अंदाजा लगाना कठिन था। इस उपकरण के साथ आप रियल टाइम में या हर 5 मिनट में जान सकते हैं कि हवा में कोई वायरस है या नहीं? यह श्वसन संबंधी संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए भी काफी कारगर साबित हो सकता है।
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स्रोत और संदर्भ
Real-time environmental surveillance of SARS-CoV-2 aerosols
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