शारीरिक निष्क्रियता को मौजूदा समय में तेजी से बढ़ रही कई प्रकार की बीमारियों के प्रमुख कारण के तौर पर जाना जाता है। डायबिटीज से लेकर हृदय रोगों तक के लिए इसे एक कारक माना जाता रहा है। इस तरह की दिक्क्तों के जोखिम को कम करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को दिनचर्या में नियमित रूप से व्यायाम को शामिल करने की सलाह देते हैं। जिम जाना हो या फिर योग का अभ्यास, रनिंग-वॉकिंग से लेकर साइकिलिंग तक की आदत आपको शारीरिक रूप से सक्रिय रखकर इस तरह की क्रोनिक बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकती है।
Health Tips: बहुत ज्यादा व्यायाम करना भी ठीक नहीं, यह आदत कई गंभीर समस्याओं का बन सकती है कारण
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अधिक व्यायाम के हो सकते हैं कई नुकसान
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) के मुताबिक शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सभी वयस्कों को सप्ताह में 150 मिनट तक मध्यम-तीव्रता वाले एरोबिक व्यायाम की आदत बनानी चाहिए। हालांकि कुछ लोगों को कम समय में ही अधिक लाभ पाने के लिए दिन में दो-तीन घंटे व्यायाम करते हुए भी देखा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, एक सप्ताह में 300 मिनट से अधिक व्यायाम फिजिकल "बर्नआउट" का कारण बन सकता है जिसके कई प्रकार के नुकसान हो सकते हैं। आइए इसके दुष्प्रभावों के बारे में जानते हैं।
थकान और उर्जा में कमी
व्यायाम के दौरान शरीर में मौजूद कैलोरी बर्न होती है जिसे वजन को नियंत्रित करने के लिए जरूरी माना जाता है। हालांकि बहुत अधिक व्यायाम के कारण कैलोरी बर्न का खतरा अधिक हो सकता है, जिसके कारण आपको गंभीर थकान और उर्जा में कमी महसूस होती रहती है। बहुत अधिक व्यायाम के बाद शरीर को आराम की आवश्यकता होती है, ऐसे में आपके लिए दिनभर ऑफिस या अन्य काम कर पाना भी कठिन हो जाता है।
हृदय की समस्याओं का कारण
जर्मन वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध में पाया गया है कि जो लोग अधिक व्यायाम करते हैं उनमें समय के साथ हृदय की समस्या विकसित होने का खतरा हो सकता है। हृदय पर अधिक दबाव के कारण इसकी कार्यक्षमता कम होने लगती है इसके अलावा अधिक व्यायाम के कारण हार्ट रेट भी काफी बढ़ सकता है। हृदय गति बढ़ने की स्थिति के कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों का खतरा रहता है।
चोट और मांसपेशियों में दर्द
भारी वजन के साथ अधिक व्यायाम के कारण जोड़ों की समस्या बढ़ने का जोखिम रहता है। इसके अलावा यह मांसपेशियों के लिए भी दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है। अधिक व्यायाम के कारण जोड़ों पर दबाव बढ़ जाता है जिसके कारण गठिया की समस्या हो सकती है। इसके अलावा यह मांसपेशियों में दर्द और हड्डियों की कई तरह की समस्याओं का भी कारण बन सकती है। शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए संयमित स्तर के ही व्यायाम करने चाहिए।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।