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डेंगू-मलेरिया के मच्छर घर से रहेंगे कोसों दूर, बस घर ले आएं ये 5 खुशबूदार पौधे
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 20 Sep 2018 04:21 PM IST
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ताजी हवा लेने आप घर की बालकनी में बैठने जाएं और तभी वहां पहले से मौजूद मच्छर आपका मजा किरकिरा कर दें तो गुस्सा तो बहुत आएगा ही..क्यों? गौर करने वाली बात यह है कि इसी मौसम में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मच्छर का आतंक सबसे ज्यादा होता है। अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ होता है तो टेंशन छोड़ इनसे निपटने के लिए घर की बालकनी में ये पांच पौधे लगाएं। ये पौधे न सिर्फ आपको इन खूनी दुश्मनों से दूर रखेंगे बल्कि बारिश का मजा भी दोगुना कर देंगे।
rosemary
रोजमेरी
रोजमेरी अपने आप में एक प्राकृतिक मॉस्किटो रिप्लीयन्ट है। रोजमेरी के पौधे 4-5 फीट लंबे होते हैं और इनके फूलों का रंग नीला होता है। मच्छरों से बचने के लिए रोजमेरी मॉस्किटो रिप्लीयन्ट की 4 बूंदों को 1 चौथाई जैतून के तेल के साथ मिलकर भी लगाया जा सकता है।
रोजमेरी अपने आप में एक प्राकृतिक मॉस्किटो रिप्लीयन्ट है। रोजमेरी के पौधे 4-5 फीट लंबे होते हैं और इनके फूलों का रंग नीला होता है। मच्छरों से बचने के लिए रोजमेरी मॉस्किटो रिप्लीयन्ट की 4 बूंदों को 1 चौथाई जैतून के तेल के साथ मिलकर भी लगाया जा सकता है।
Citronella Grass
सिट्रोनेला ग्रास
सिट्रोनेला ग्रास मच्छरों को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है। यह 2 मीटर तक बढ़ती है और इसके फूलों का रंग लॅवेंडर होता है। इस ग्रास से निकलने वाला सिट्रोनेला ऑयल मोमबत्तियों, परफ्यूम्स, लैम्प्स आदि हर्बल प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किया जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि सिट्रोनेला ग्रास डेंगू पैदा करने वाले एडीज एजिप्टी मच्छरों को भी आपसे दूर रखने में मदद करती है।
सिट्रोनेला ग्रास मच्छरों को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है। यह 2 मीटर तक बढ़ती है और इसके फूलों का रंग लॅवेंडर होता है। इस ग्रास से निकलने वाला सिट्रोनेला ऑयल मोमबत्तियों, परफ्यूम्स, लैम्प्स आदि हर्बल प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किया जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि सिट्रोनेला ग्रास डेंगू पैदा करने वाले एडीज एजिप्टी मच्छरों को भी आपसे दूर रखने में मदद करती है।
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Marigold
गेंदा
गेंदें के फूलों में पाई जाने वाली गंध मक्खी- मच्छरों को पसंद नहीं होती है। ये पौधे 6 इंच से 3 फीट तक बढ़ते हैं। गेंदें के पौधे अफ्रीकन और फ्रेंच दो तरह के होते हैं ये दोनों ही मॉस्किटो रिप्लीयन्ट हैं। गेंदे के फूल पीले से डार्क ऑरेंज और लाल रंग के होते हैं।
गेंदें के फूलों में पाई जाने वाली गंध मक्खी- मच्छरों को पसंद नहीं होती है। ये पौधे 6 इंच से 3 फीट तक बढ़ते हैं। गेंदें के पौधे अफ्रीकन और फ्रेंच दो तरह के होते हैं ये दोनों ही मॉस्किटो रिप्लीयन्ट हैं। गेंदे के फूल पीले से डार्क ऑरेंज और लाल रंग के होते हैं।
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tulsi
तुलसी
तुलसी का पौधा भी एक मॉस्किटो रिप्लीयन्ट है। तुलसी एक ऐसी जड़ी बूटी है जो कि अपने आप ही अपनी खुशबु फैलाती है। मच्छरों को दूर रखने के लिए तुलसी को गमले में उगाकर बालकनी में रखें।
तुलसी का पौधा भी एक मॉस्किटो रिप्लीयन्ट है। तुलसी एक ऐसी जड़ी बूटी है जो कि अपने आप ही अपनी खुशबु फैलाती है। मच्छरों को दूर रखने के लिए तुलसी को गमले में उगाकर बालकनी में रखें।