प्रतिदिन बढ़ते प्रदूषण के पीछे निसंदेह हमारा हाथ है। 'ग्लोबल वार्मिंग', 'क्लाइमेट चेंज' जैसे बड़ी पर्यावरण समस्याएं प्रदूषण की ही देन हैं जो आज वैश्विक रूप से चिंता का विषय बन चुका है। आज विश्व स्तर की बैठकों में इसके समाधान पर गंभीर चर्चाएं हो रहीं है और समाधान के लिए कदम भी बढ़ाए जा रहे हैं। लेकिन समाधान का सफल होना तभी संभव है जब मनुष्य अपने रोजमर्रा के जीवन में सुधार लाए। ये तभी संभव है जब सब मिलकर अपने आस-पास के वातावरण को ईको फ्रेंडली बनाएंगे। ऐसे में असम के बाकसा जिले में ईको फ्रेंडली बर्तन बनाकर काफी बेहतरीन कदम उठाया है।
धीरे-धीरे बढ़ रहा है ईको-फ्रेंडली बर्तनों का दौर, क्या आपने खाया है इनमें खाना
In Baksa district of Assam, a new eco friendly method adopted to move away from plastic by serving food on banana leaves. Hope if this method is implemented in mass way with the help of @mygovassam , it will increase production of banana also along with healthy environment. pic.twitter.com/QUTc3BBr46
— Oxomiya Jiyori🇮🇳 (@SouleFacts) September 20, 2019
ईको फ्रेंडली का शाब्दिक अर्थ है जो चीज पर्यावरण के अनुकूल या पर्यावरण के लिए हानिकारक न हो। यह शब्द आमतौर पर उन उत्पादों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, जो हरित जीवन या जल और ऊर्जा जैसे संसाधनों के संरक्षण में मदद करते हैं। पर्यावरण के अनुकूल ये उत्पाद वायु, जल और भूमि प्रदूषण में योगदान को भी रोकते हैं। आप संसाधनों के उपयोग के बारे में अधिक सचेत होकर पर्यावरण के अनुकूल आदतों को अपना सकते हैं।
पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद बनाना पर्यावरण और मानव सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखता है। कम से कम, उत्पाद विषैले नहीं होते हैं। पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों की विशेषताओं में उन सामग्रियों का उपयोग शामिल है, जो पारिस्थितिकी तंत्र को खराब नहीं करते हैं। जैविक सामग्री या सामग्री को जहरीले कीटनाशकों या जड़ी-बूटियों के बिना उगाया जाता है। "पुनर्नवीनीकरण सामग्री से बने" उत्पादों में अपशिष्ट पदार्थों से प्राप्त कांच, लकड़ी, धातु या प्लास्टिक होते हैं और इससे कुछ नया बनाया जाता है।