साल 2019 का दूसरा ग्रहण 21 जनवरी को लगने वाला है। बता दें, यह साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण है।साल का पहला चंद्र ग्रहण सुपर ब्लड वुल्फ मून के नाम से जाना जाएगा। ग्रहण के दौरान इस दिन चांद लाल रंग के साथ तांबे के रंग जैसा गहरा नजर आएगा। बता दें, भारतीय समयानुसार 20 जनवरी को सुबह 10 बजे से शुरू होकर 21 जनवरी की शाम 3:33 बजे पर खत्म होगा जिसके बाद कुल चंद्रग्रहण रात 11:41 बजे से शुरू होगा। आइए जानते हैं ग्रहण के दौरान इसके असर से बचने के लिए भूलकर भी रात को ये काम नहीं करने चाहिए।
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चंद्र ग्रहण 2019: चंद्र ग्रहण की रात गलती से भी ना करें ये 5 काम, मुसीबत में पड़ जाएंगे
Sun, 20 Jan 2019 10:42 AM IST
kapil kumar
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
Published by: kapil kumar
Updated Sun, 20 Jan 2019 10:42 AM IST
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चंद्र ग्रहण से जुड़ी खास बातें
-यह साल 2019 का पहला चंद्रगहण है जो 21 जनवरी को पड़ने वाला है।
-इस ग्रहण के बाद 16 जुलाई को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण नजर आएगा।
-भारतीय समयानुसार 20 जनवरी को सुबह 10 बजे से शुरू होकर 21 जनवरी की शाम 3:33 बजे पर खत्म होगा जिसके बाद कुल चंद्रग्रहण रात 11:41 बजे से शुरू होगा।
-साल का पहला चंद्रगहण सुपर ब्लड वुल्फ मून के नाम से जाना जाएगा जिसमें चांद लाल रंग के साथ ही तांबे के रंग जैसा गहरा दिखाई देगा।
-यह साल 2019 का पहला चंद्रगहण है जो 21 जनवरी को पड़ने वाला है।
-इस ग्रहण के बाद 16 जुलाई को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण नजर आएगा।
-भारतीय समयानुसार 20 जनवरी को सुबह 10 बजे से शुरू होकर 21 जनवरी की शाम 3:33 बजे पर खत्म होगा जिसके बाद कुल चंद्रग्रहण रात 11:41 बजे से शुरू होगा।
-साल का पहला चंद्रगहण सुपर ब्लड वुल्फ मून के नाम से जाना जाएगा जिसमें चांद लाल रंग के साथ ही तांबे के रंग जैसा गहरा दिखाई देगा।
क्या कर सकते हैं-
-इस काल में कच्ची सब्जियां और फल पूरी तरह से खाए जा सकते हैं क्योंकि उनमें किसी प्रकार के कोई बदलाव देखने को नहीं मिलते।
-घर में रखे हुए पानी में कुशा डाल देनी चाहिए, इससे पानी दूषित नहीं होता है।
-पवित्र नदियों में स्नान कर यथा शक्ति दान अवश्य देना चाहिए।
-चन्द्रग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है।
-ग्रहण पूरा होने पर सूर्य या चन्द्र, जिसका ग्रहण हो उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए।
-इस काल में कच्ची सब्जियां और फल पूरी तरह से खाए जा सकते हैं क्योंकि उनमें किसी प्रकार के कोई बदलाव देखने को नहीं मिलते।
-घर में रखे हुए पानी में कुशा डाल देनी चाहिए, इससे पानी दूषित नहीं होता है।
-पवित्र नदियों में स्नान कर यथा शक्ति दान अवश्य देना चाहिए।
-चन्द्रग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है।
-ग्रहण पूरा होने पर सूर्य या चन्द्र, जिसका ग्रहण हो उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए।
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क्या न करें-
-ग्रहण के दौरान सिर पर तेल लगाना, खाना खाना और बनाना, वर्जित होता है। माना जाता है पका हुआ भोज्य पदार्थ ग्रहण लगने तक पूरी तरह से जहर में बदल जाता है।
-चंद्र ग्रहण के दौरान वायुमंडल में बैक्टीरिया और संक्रमण का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में भोजन करने से संक्रमण अधिक होने की आशंका रहती है। इसलिए ग्रहण के दौरान भोजन खाने से बचना चाहिए।
-ग्रहण के समय पति और पत्नी को शारीरिक संबंध किसी भी कीमत पर नहीं बनाना चाहिए। इस दौरान यदि गर्भ ठहर गया तो संतान विकलांग तक या मानसिक रूप से विक्षिप्त तक हो सकती है।
-ग्रहण के समय कोई भी शुभ व नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।
-ग्रहण के दौरान सिर पर तेल लगाना, खाना खाना और बनाना, वर्जित होता है। माना जाता है पका हुआ भोज्य पदार्थ ग्रहण लगने तक पूरी तरह से जहर में बदल जाता है।
-चंद्र ग्रहण के दौरान वायुमंडल में बैक्टीरिया और संक्रमण का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में भोजन करने से संक्रमण अधिक होने की आशंका रहती है। इसलिए ग्रहण के दौरान भोजन खाने से बचना चाहिए।
-ग्रहण के समय पति और पत्नी को शारीरिक संबंध किसी भी कीमत पर नहीं बनाना चाहिए। इस दौरान यदि गर्भ ठहर गया तो संतान विकलांग तक या मानसिक रूप से विक्षिप्त तक हो सकती है।
-ग्रहण के समय कोई भी शुभ व नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।
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चंद्र ग्रहण
हिंदू शास्त्रों के अनुसार किसी भी प्रकार का चंद्र ग्रहण कभी भी किसी रूप में शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रकोप किसी भी व्यक्ति पर पूरे 108 दिनों तक बना रहता है।