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केले का रोचक और दिलचस्प किस्साः आखिर दर्जन में ही क्यों गिने जाते हैं केले, संतरे और आम क्यों नहीं

Wed, 17 Apr 2019 08:03 PM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत राय Updated Wed, 17 Apr 2019 08:03 PM IST
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Banana Day 2019: facts of banana and benefits of banana
संख्याओं के साथ समस्या यह है कि वे आपकी विशिष्टता से मुंह फेर लेती हैं। गुणधर्म यों तो गणित की इकाइयों के भी होते हैं, लेकिन उन गुणधर्मों की मार्फ़त इंसान हर समय सोचा नहीं करते। आम आदमी के लिए गणित का अर्थ संख्याएं हैं और संख्याओं का काम आर्थिक लेन-देन से अधिक और उच्चतर कुछ भी नहीं। सो गणितीयता की गुणधर्मिता होती होगी तो हुआ करे, वह गणितज्ञों के काम की ठहरी। रस-रंग, गन्ध-रूप और स्पर्श जैसी इन्द्रियों की शब्दावली के साथ संख्याओं को मानवता न बैठा सकी है और शायद कभी बैठा भी न सकेगी।
Banana Day 2019: facts of banana and benefits of banana
केले का पेड़ - फोटो : Pixabay
बच्चा अब भी वहीं है। केले दर्ज़न में क्यों? सेब क्यों नहीं? सन्तरे क्यों नहीं? आम क्यों नहीं?
मैं कई प्रश्नों के उत्तर देने से बचता हूं। विशेषकर बच्चों के या जो बच्चों की तरह मुझपर विश्वास करना चाहते हैं। मैं उनकी विश्वासभंजिता को जिलाये रखना चाहता हूं। उत्तरों पर श्रद्धा लाने के अनेक ढंग-ढर्रे हैं। हर जवाब पर एक-सा भरोसा न लाइए। लेकिन यह कर पाना ज़्यादातर लोगों के सम्भव नहीं। बच्चों के लिए तो सचमुच बहुत मुश्किल है। वह मेरी बात पर आंख-मूंद भरोसा करेगा, इसलिए आंखें मुंदना जहां निश्चित हो, वहां यथासम्भव तार्किक उत्तर देना मुझे सुहाता है। इससे उत्तर की दीर्घजीविता बनी रहती है और उत्तरदायी की भी। सो मैं यही करता हूँ: केलों और किलो के बीच न बन सके रहे सम्बन्ध को उसे समझाने की कोशिश करता हूं।
Banana Day 2019: facts of banana and benefits of banana

कहानी केले की 
केला एक बड़ा पोषक फल है। ढेर सारे कार्बोहाइड्रेट ( मांड़-शर्करा ), खनिजों और विटामिनों से भरपूर। एक सुपरफूड। मीठा होने के बाद भी रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ने नहीं देता। पेट भी साफ़ रखता है। लेकिन इन सब बातों के बावजूद संसार-भर के केलों में एक विशिष्ट बात साझी है। दुनिया-भर में बिकने वाले लगभग आधे केले कैवेंडिश सबग्रुप के सदस्य हैं। और ये सभी दिखने में आकार-आकृति में लगभग एक-से नज़र आते हैं।

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Banana Day 2019: facts of banana and benefits of banana
banana

फिर इन सब केलों की पैदावार वैसे नहीं होती, जैसे अन्य पौधों या जीवजन्तुओं की होती है। यौनकर्म इनके जन्म में भूमिका नहीं निभाता। केलों के इन पौधों में परागण के बाद निषेचन नहीं होता: इनकी पैदावार होती है अलैंगिक ढंग से। केले के पौधे के ऑफशूट काटकर उन्हें मिट्टी में लगाया जाता है ताकि फसल ली जा सके। इस तरह से ढेर सारे पौधे एक ही मूल पौधे की सन्तान सिद्ध होते हैं और वह भी एक-जैसे फल पैदा करते हैं।

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Banana Day 2019: facts of banana and benefits of banana
banana - फोटो : social media

केले की एकरूपता 
आप बाज़ार में दो केलों को उठाकर देखें; उनमें जितनी एकरूपता पाएंगे, उतनी आपको कई फलों-सब्ज़ियों में कदाचित् न मिले। कारण कि विश्व का आधा केला-भण्डार एक ही 'प्रजाति' यानी सबग्रुप का है। साथ ही यह कि उसे लैंगिक प्रजनन से पैदा नहीं किया जा रहा। सो केले का जन्म यौनहीन पादप-उद्भव की कथा है। अब यौनिक बनाम अयौनिक वंश-वृद्धि के अपने लाभ हैं और अपनी हानियां भी।

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